पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि राजधानी की अंग्रेजी वर्तनी Delhi को बदलकर Dilli किया जाए। उनका कहना है कि यह कदम भारत की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगा। साथ ही राजधानी को उसके ऐतिहासिक स्वरूप के अनुरूप बनाएगा।
नए लोगो में Delhi की जगह Dilli हो, गोयल का सुझाव
विजय गोयल ने कहा कि आगामी 1 नवम्बर को जब दिल्ली सरकार नया आधिकारिक लोगो जारी करे, तो उसमें Delhi की जगह Dilli लिखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, यह केवल नाम बदलने की बात नहीं है, बल्कि हमारी आत्मा, परंपरा और इतिहास से जुड़ा एक कदम है।

पूर्वी केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने दिल्ली सीएम को लिखा पत्र
2019 में भी उठाई थी यह मांग
पूर्व मंत्री ने बताया कि उन्होंने 2019 में राज्यसभा में भी यह प्रस्ताव रखा था कि राजधानी की अंग्रेजी वर्तनी को Delhi से Dilli में बदला जाए। उन्होंने कहा कि अब जब सरकार नया लोगो जारी करने जा रही है, तो यह बदलाव के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।
Delhi ब्रिटिश काल की देन, हमारी संस्कृति से मेल नहीं खाता
गोयल ने कहा कि अंग्रेजी नाम Delhi ब्रिटिश शासनकाल की देन है, जो न तो हिंदी उच्चारण से मेल खाता है और न ही भारतीय संस्कृति से। उन्होंने कहा कि सदियों से कवियों, लेखकों और आम जनता ने इस शहर को दिल्ली कहकर पुकारा है। यह नाम हमारी भावना और असली पहचान का प्रतीक है।
अन्य शहरों ने भी बदले अपने नाम
गोयल ने कहा कि जैसे बॉम्बे का नाम मुंबई, कलकत्ता का कोलकाता और मद्रास का चेन्नई हुआ, उसी तरह Delhi को Dilli करना भी एक स्वाभाविक और न्यायसंगत सुधार होगा। उन्होंने कहा कि पहले भी कुछ लोगों ने लागत और व्यवहारिक कठिनाइयों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई थी, लेकिन वे आशंकाएं निराधार साबित हुईं। आज लोग इन नामों को गर्व से स्वीकार करते हैं।
प्राचीन नाम धिल्लिका से जुड़ी है दिल्ली की उत्पत्ति
गोयल ने बताया कि दिल्ली नाम की उत्पत्ति प्राचीन संस्कृत शब्द धिल्लिका या धिल्लि से हुई है, जो 11वीं शताब्दी में तोमर राजाओं द्वारा बसाए गए नगर का नाम था। समय के साथ इसका उच्चारण दिल्ली हो गया। फारसी इतिहासकारों ने इसे देहली या दिहली लिखा और ब्रिटिश शासनकाल में अंग्रेजों ने इसे Delhi कर दिया।
जनता की भावनाओं से जुड़ा नाम दिल्ली
गोयल ने कहा कि भारत की अधिकांश भाषाओं हिंदी, उर्दू, पंजाबी और हरियाणवी में यह शहर हमेशा दिल्ली कहलाया है। उन्होंने कहा, यह नाम इस शहर की सांस्कृतिक पहचान और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। अगर Dilli शब्द को अपनाया जाए तो यह करोड़ों नागरिकों की भावनाओं से सीधा जुड़ाव स्थापित करेगा, जो गर्व से कहते हैं दिल्ली मेरी जान।
सरकार से पहल की अपील
गोयल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे इस दिशा में पहल करें और Delhi की जगह Dilli को सभी सरकारी संचार, साइनबोर्ड और सार्वजनिक उपयोग में अपनाएं। उन्होंने कहा कि यह छोटा लेकिन सार्थक कदम हमारी भाषा, संस्कृति और इतिहास के प्रति गर्व की भावना को और मजबूत करेगा।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
