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Delhi: 13 साल के बच्चे ने दायर की कबूतरों के खिलाफ याचिका, NGT ने तलब किया जवाब

दिल्ली में फुटपाथों पर कबूतरों की बीट से पैदा गंदगी के खिलाफ दायर याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। 13 वर्षीय याचिकाकर्ता ने कबूतरों की बढ़ती संख्या और इसके कारण होने वाली बीमारियों के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की है। NGT ने इस मामले में दिल्ली नगर निगम (MCD) और लोक निर्माण विभाग (PWD) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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कबूतरों पर NGT सख्त

Photo : Times Now Digital

Pigeon Problem In Delhi: दिल्ली में सड़क चलते फुटपाथों पर, चौराहों पर या स्टेशनों पर आपने सैकड़ों कबूतरों को गंदगी फैलाते देखा होगा। लोग कबूतरों को केवल दाना नहीं डालते हैं, बल्कि इनसे बचने से उपाय भी करते हैं। मेट्रो स्टेशनों में बाहर की ओर निकले कबूतरों के बैठने लायक जितने हिस्से हैं उनपर या घरों की बालकनियों में एसी के ऊपर आपने प्लास्टिक के कांटे जरूर देखे होंगे। ये कबूतरों से बचने के लिए ही होते हैं। कबूतरों को दाना डालने की आदत ने इनकी संख्या इस तरह बढ़ा दी है कि अब ये परेशानी का सबब बनने लगे हैं।

NGT ने मांगा जवाब

अब कबूतरों की गंदगी के खिलाफ एक 13 साल के स्कूली छात्र ने याचिका दायर की है। इस याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम (MCD) और लोक निर्माण विभाग (PWD) से जवाब मांगा है। NGT की पीठ, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव कर रहे हैं, ने इस मामले की सुनवाई को 8 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया है।

दाना डालने वालों पर कार्रवाई की मांग

याचिकाकर्ता अरमान पालीवाल के वकील आशीष जैन ने बताया कि फुटपाथ पर कबूतरों को दाना खिलाने के कारण उनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिससे हाइपरसेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कबूतरों की बीट में खतरनाक बैक्टीरिया होते हैं, जो फूड-प्वाइजनिंग का कारण बन सकते हैं। याचिका में यह भी मांग की गई है कि फुटपाथ पर कबूतरों को दाना डालने पर जुर्माना लगाया जाए, जैसा कि मुंबई और पुणे जैसे शहरों में किया जाता है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि MCD और PWD ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है, जिससे स्वास्थ्य के साथ साथ ट्रैफिक की समस्याएं भी पैदा हो रही हैं।

होते हैं बीमारियों का घर

कबूतर असल में बीमारियों का घर होते हैं। कबूतरों की बीट और उसमें पैदा होने वाले फंगस फेफड़ों से जुड़ी कई खतरनाक बीमारियों के कारण बन सकते हैं। इनसे हाइपरसेंसिटिव निमोनिया, सिटाकोसिस और हिस्टोप्लास्मोसिस जैसे कई सांस से जुड़ी बीमारियां और फंगल इन्फेक्शन हो सकते हैं। इन्हीं कारणों से हेल्थ एक्सपर्ट कबूतरों से दूरी बनाए रखने और उनकी बीट साफ करते समय विशेष सावधानी बरतने की बात करते हैं।

MCD ने की थी सख्ती

गौरतलब है कि पिछले दिनों MCD ने सड़कों और चौराहों पर दाना डालने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया था और नियम तोड़ने वालों का 200 से 500 रुपये तक का चालान काटने का भी फैसला किया था लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिखा।

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Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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