IMD Update April Ka Mausam: अप्रैल का महीना आमतौर पर चिलचिलाती धूप और लू (Heatwave) की शुरुआत के लिए जाना जाता है, लेकिन साल 2026 में कुदरत का मिजाज कुछ अलग ही नजर आ रहा है। दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में बादलों के डेरे और मूसलाधार बारिश ने मौसम को पूरी तरह पलट कर रख दिया है। शुक्रवार की भारी बारिश के बाद शनिवार को भी राजधानी की सुबह भीगी हुई रही, जिसने गर्मी पर फिलहाल लगाम लगा दी है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है और रविवार को स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
दिल्ली-NCR में तूफानी हवाओं का खतरा (Delhi NCR IMD Weather Alert)
मौसम विभाग ने दिल्ली के दक्षिण, मध्य और नई दिल्ली इलाकों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इसका सीधा मतलब है कि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए। वहीं, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम और उत्तर-पूर्व दिल्ली के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दिल्ली में रविवार को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की भारी संभावना है। यह मौसमी सिस्टम फिलहाल में काफी संकरा है, जिसके कारण शहर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाके सूखे भी रह सकते हैं।
पश्चिमी विक्षोभ लाया मौसम में बदलाव (Western Disturbance in April)
इस बेमौसम बदलाव के पीछे मुख्य कारण एक के बाद एक आने वाले दो 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) हैं। ये भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उठने वाले कम दबाव के सिस्टम हैं, जो पाकिस्तान के रास्ते भारतीय उपमहाद्वीप में नमी लेकर आते हैं। जब ये विक्षोभ अप्रैल की शुरुआती गर्मी और धूल भरी हवाओं से टकराते हैं, तो तेजी से बादल बनते हैं और ओले गिरने के हालात भी पैदा होते हैं। 3 और 4 अप्रैल को सक्रिय रहे सिस्टम के बाद, अब 7 अप्रैल को एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है, जिससे अगले हफ्ते के मध्य तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
हरियाणा-पंजाब में ओलों से किसानों की बढ़ी चिंता (Punjab Haryana Hailstorm Alert)
हरियाणा के हिसार, सिरसा, फरीदाबाद और पलवल जैसे जिलों में शनिवार को तेज बारिश के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। सिरसा और आसपास के इलाकों में हुई ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। पकने के करीब खड़ी गेहूं की फसल के लिए यह ओलावृष्टि किसी आपदा से कम नहीं है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को भी हरियाणा और दिल्ली-NCR में बूंदाबांदी जारी रहेगी, जिसके बाद यह सिस्टम आगे निकल जाएगा। हालांकि, 7 से 9 अप्रैल के बीच पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर ओले गिरने और 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में गिरता पारा (Jammu Kashmir Himachal Weather)
7 अप्रैल से सक्रिय होने वाले नए सिस्टम का असर केवल मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी होने की संभावना है। मैदानी राज्यों जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। इस सक्रियता के कारण दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे बना रहेगा, जिससे लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, अप्रैल के अंत तक पारा एक बार फिर तेजी से ऊपर जाने की उम्मीद है।
जलवायु परिवर्तन और 'सुपर अल नीनो' की आहट
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में अप्रैल की यह अस्थिरता जलवायु परिवर्तन का साफ संकेत है। साल 2024 की तरह ही इस बार भी देर से आने वाले पश्चिमी विक्षोभों की आवृत्ति बढ़ गई है। इसके अलावा, वैज्ञानिकों ने 'अल नीनो' (El Nino) को लेकर भी सतर्क किया है। जून तक इसके तटस्थ रहने की 82 प्रतिशत संभावना है, लेकिन उसके बाद इसके दोबारा 'सुपर अल नीनो' के रूप में उभरने का खतरा मंडरा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो इसका सीधा असर मानसून की बारिश और भविष्य में बढ़ने वाली गर्मी पर पड़ सकता है।
