Monsoon Update: दिल्ली-NCR के लोगों के लिए मानसून का इंतजार थोड़ा और लंबा हो गया है। सामान्य तौर पर देश की राजधानी में मानसून पहुंचने की आधिकारिक तारीख 27 जून होती है, लेकिन इस बार यह तय तारीख बिना दस्तक दिए ही निकल गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी 'स्काईमेट' के ताजा अपडेट के मुताबिक, इस बार मानसून जून के महीने में दिल्ली नहीं पहुंच पाएगा। पिछले चार वर्षों में यह पहला ऐसा मौका होगा, जब मानसून जून के बजाय जुलाई के महीने में राजधानी में प्रवेश करेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी तय लय से काफी पीछे चल रहा है और इसके जुलाई के पहले सप्ताह में दिल्ली-NCR पहुंचने के आसार हैं।
जुलाई के पहले हफ्ते में संभावना
स्काईमेट के मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून की मौजूदा स्थिति को देखते हुए 4 जुलाई से पहले राजधानी में इसके पहुंचने की संभावना बेहद कम है। अनुमान है कि 5 जुलाई के आसपास मानसून दिल्ली में विधिवत दस्तक दे सकता है, जिसमें तीन दिन आगे या पीछे होने की गुंजाइश बनी हुई है। आमतौर पर 25 जून तक मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को कवर कर लेता है, लेकिन इस बार यह अभी तक उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में नहीं पहुंच पाया है। IMD का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों में स्थितियां अनुकूल होने पर मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में आगे बढ़ेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को कवर करने के बाद ही इसका अगला पड़ाव दिल्ली-NCR होगा।
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29 जून से शुरू होगा प्री-मानसून का दौर
भले ही मानसून की आधिकारिक एंट्री में देरी हो रही हो, लेकिन दिल्ली वासियों का भीषण गर्मी और उमस से परेशान होने का दौर जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 29 जून से राजधानी में हल्की बारिश और तेज हवाओं के साथ प्री-मानसून गतिविधियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जुलाई के पहले सप्ताह में जब मानसून की आधिकारिक शुरुआत होगी, तब राजधानी में जमकर बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी सचेत किया है कि जुलाई की यह भारी बारिश दिल्ली की रफ्तार थाम सकती है और जलभराव के चलते ट्रैफिक व्यवस्था के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
