दिल्ली में आज का मौसम (11 July 2026): दिल्ली-NCR में पिछले दिनों हुई झमाझम बारिश के बाद अब मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदलने वाला है। दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ी खबर है कि राजधानी में मानसून की गतिविधियों पर अस्थायी रूप से 'ब्रेक' लग गया है। मौसम विभाग ने शनिवार (11 जुलाई) को आंशिक रूप से तेज हवाओं और छिटपुट गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है, लेकिन इसके तुरंत बाद मानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) उत्तर की ओर खिसक जाएगी, जिससे अगले एक सप्ताह तक मैदानी इलाकों में तेज धूप और भारी उमस का दौर शुरू होने वाला है।
सामान्य से 151% ज्यादा बरसे बादल
इस साल मानसून ने दिल्ली में अपनी सामान्य तिथि 27 जून के बजाय 2 जुलाई को दस्तक दी थी। लेकिन आने के साथ ही बादलों ने ऐसा दम दिखाया कि दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा (52.6 मिमी) के मुकाबले 132.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो सामान्य से लगभग 151 प्रतिशत अधिक है। इसमें से 100 मिलीमीटर से अधिक पानी केवल पिछले दो दिनों के दौरान ही बरसा है, जिसने दिल्लीवालों को भीषण गर्मी से राहत देकर मौसम सुहावना बना दिया था।
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क्यों लग रहा है मानसून पर ब्रेक?
स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञान विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, दिल्ली में भारी बारिश कराने वाला निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area), जो पहले उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सक्रिय था, अब मध्य उत्तर प्रदेश की ओर खिसककर कमजोर हो गया है। यह मौसमी सिस्टम अब हिमालय की तराई के पास पहुंचकर धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा।
इसके कारण मानसून की अक्षीय रेखा भी दिल्ली से दूर उत्तर (हिमालय की ओर) शिफ्ट हो गई है। साथ ही, राजस्थान और मध्य पाकिस्तान की ओर से शुष्क व गर्म पछुआ हवाएं दिल्ली पहुंच चुकी हैं, जिसके कारण कई दिनों के बाद अब आसमान साफ हो गया है और तेज धूप निकल रही है।
39 डिग्री तापमान और भारी उमस का अलर्ट
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 12 से 16 जुलाई के बीच दिल्ली-एनसीआर में मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहेगा और बारिश की गतिविधियां बेहद कमजोर पड़ जाएंगी। बारिश थमने के बाद भी हवा में 80 से 85 प्रतिशत तक की भारी नमी (Humidity) बरकरार रहेगी। दिन में तेज धूप और शाम को भारी उमस के कारण लोगों को बेहद चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान राजधानी का अधिकतम तापमान तेजी से बढ़कर 37 से 39 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है।
केवल विराम, मानसून खत्म नहीं हुआ है
मौसम वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि 'मानसून ब्रेक' का मतलब मानसून का खत्म होना बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह इस सीजन की एक सामान्य प्रक्रिया है। 15 जुलाई के बाद मानसूनी द्रोणिका के एक बार फिर दक्षिण की ओर खिसकने की प्रबल संभावना है। जैसे ही यह सिस्टम दोबारा सक्रिय होगा, दिल्ली-एनसीआर में जुलाई के उत्तरार्ध में बारिश का एक और नया और तगड़ा दौर देखने को मिलेगा। तब तक लोगों को इस उमस भरे मौसम के लिए खुद को तैयार रखना होगा।
