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दतिया: नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों से पुलिस ने खाली कराया हाईवे, पथराव में 6 पुलिसकर्मी घायल, दिल्ली आ सकते हैं पूर्व गृह मंत्री

2023 के चुनाव में इस सीट पर नरोत्तम मिश्रा चुनाव हार गए। उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने करीब सात हजार वोटों से हराया लेकिन एक मामले में उन्हें दो साल की सजा होने पर यह सीट रिक्त हो गई। इस सीट पर अब उपचुनाव हो रहा है। सीट रिक्त होने के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा इस सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।

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मध्य प्रदेश में भाजपा के बड़े नेता हैं नरोत्तम मिश्रा।

Narottam Mishra News: दतिया में पुलिस ने नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों से राजमार्ग मुक्त करा लिया है। हालांकि, इसके लिए उसे लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा और आंसू गैल के गोले दागने पड़े। पुलिस का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है। प्रदर्शनकारियों के पथराव में छह पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। दरअसल, दतिया उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं नहीं मिला है, इससे उनके समर्थक काफी नाराज हैं। बीती रात नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने राजमार्ग पर जमकर हंगामा किया और वहां चक्का जाम कर दिया जिससे वहां भारी जाम लग गया। दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा ने आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है।

2023 में दतिया सीट पर चुनाव हार गए थे नरोत्तम मिश्रा

दरअसल, 2023 के चुनाव में इस सीट पर नरोत्तम मिश्रा चुनाव हार गए। उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने करीब सात हजार वोटों से हराया लेकिन एक मामले में उन्हें दो साल की सजा होने पर यह सीट रिक्त हो गई। इस सीट पर अब उपचुनाव हो रहा है। सीट रिक्त होने के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा इस सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। मिश्रा को उम्मीद थी कि उपचुनाव का टिकट उन्हें ही मिलेगा लेकिन उनकी जगह भाजपा ने आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया। आशुतोष दतिया के रहने वाले हैं और भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व को मिश्रा, उनके बेटे और दतिया में उनके जनाधार को लेकर फीडबैक और रिपोर्ट मिली थी। इस रिपोर्ट और फीडबैक के बाद भाजपा आलाकमान ने उन्हें टिकट न देने का फैसला किया।

उपचुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे मिश्रा

मिश्रा चार बार के विधायक, पूर्व गृह मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मध्य प्रदेश भाजपा में उनका बड़ा कद रहा है। एक समय वह सीएम पद के दावेदार भी माने गए। सूत्रों का कहना है 2023 का चुनाव हारने के बाद उनकी स्थिति पहले जैसी नहीं रही। बावजूद इसके वह चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। दतिया में उनका दबदबा है और इसी दबदबे एवं प्रभाव के चलते जिलाध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी ने इस्तीफा दे दिया। चर्चा है कि मिश्रा और उनके समर्थक पार्टी नेतृत्व से बातचीत करने के लिए शनिवार को दिल्ली आ सकते हैं।

पथराव में घायल हुए पुलिसकर्मी

वहीं, इस उग्र प्रदर्सन पर दतिया के एसपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि चक्का जाम हटाने के लिए पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझा रही थी लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में छह पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस अधिकारी ने कहा कि पथराव में उन्हें और एडिशनल एसपी को भी चोटें लगीं।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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