Kolkata Police : सोशल मीडिया पर 'विवादित’ सामग्री पोस्ट करने के मामले में कोलकाता पुलिस के दो उपायुक्तों को निलंबित कर दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आंतरिक समीक्षा में दोनों पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया गतिविधियों से संबंधित नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
'सोशल मीडिया मंचों के इस्तेमाल पर बरतें सावधानी'
अधिकारी ने कहा, 'पुलिसकर्मियों, विशेष रूप से वरिष्ठ अधिकारियों को सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऐसी किसी भी सामग्री की नियमों के अनुसार जांच की जाती है जिससे जनता की धारणा या पुलिस बल की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।’ उन्होंने बताया कि निलंबित अधिकारियों में पुलिस उपायुक्त-तृतीय (उत्तर मंडल) विधान साहा और पुलिस उपायुक्त (बंदरगाह मंडल-द्वितीय) पार्थ प्रतिम दास शामिल हैं।
जांच के बाद दोनों अधिकारी निलंबित
सूत्रों ने बताया कि दोनों अधिकारियों का निलंबन 2025 में पुलिस के एक 'व्हाट्सऐप’ समूह में उनकी कथित टिप्पणियों से जुड़ा है। अधिकारी ने कहा, 'निलंबित अधिकारियों में से एक ने शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शुभेंदु उस समय नेता प्रतिपक्ष थे और वह अब मुख्यमंत्री हैं। दूसरे अधिकारी ने उन टिप्पणियों का कथित तौर पर समर्थन किया था।’शिकायतें मिलने के बाद कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इसके बाद दोनों अधिकारियों को निलंबित करने का फैसला किया।
अनुचित टिप्पणी का समाज पर असर पड़ सकता है-पुलिस आयुक्त
अधिकारी ने कहा, 'दोनों अधिकारियों के खिलाफ आगे विभागीय कार्यवाही की जाएगी।’ सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई ऐसे समय की गई है, जब हाल में कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर कोई बयान देने या सामग्री पोस्ट करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी थी। नंद ने अधिकारियों से कहा था कि पुलिस बल के किसी सदस्य की अनुचित टिप्पणी का समाज पर असर पड़ सकता है। उन्होंने अधिकारियों को ऑनलाइन मंचों का इस्तेमाल करते समय संयम बरतने का निर्देश दिया था।
