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Delhi Assembly Security Breach: 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया आरोपी सरबजीत, तीस हजारी कोर्ट ने दिया आदेश

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विधानसभा परिसर में एसयूवी लेकर जबरन प्रवेश करने वाले आरोपी सरबजीत सिंह को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस का कहना है कि उसने वाहन खतरनाक तरीके से चलाकर सुरक्षा कर्मियों की जान को जोखिम में डाला।

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8 दिन की पुलिस हिरासत में सरबजीत सिंह

Photo : Times Now Digital

Delhi Assembly Security Breach: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विधानसभा परिसर में जबरन वाहन (एसयूवी) के साथ एंट्री करने वाले आरोपी चालक को मंगलवार को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। गया है। आरोपी सरबजीत सिंह को मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्तिक टपारिया के सामने पेश किया गया। पुलिस ने शुरुआत में 10 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने आठ दिन की पुलिस हिरासत की अनुमति दी।

किसान आंदोलन का समर्थक माना जा रहा है सरबजीत

37 वर्षीय सरबजीत सिंह 'किसान आंदोलन' का समर्थक माना जा रहा है। उसने सोशल मीडिया मंचों पर 2020-21 के आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसान नेताओं के समर्थन में कई पोस्ट साझा किए थे। इनमें से कुछ सामग्री बाद में या तो उसके द्वारा या मूल पोस्ट करने वालों द्वारा हटा दी गई।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दी यह जानकारी

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिंह ने ’’खतरनाक तरीके से गाड़ी चलायी और ऐसा लगता है कि उसका इरादा ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को कुचलने का था, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हुआ।’’ पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में पंजीकृत नंबर वाली एसयूवी ने दोपहर करीब दो बजे गेट नंबर-2 को तोड़ते हुए विधानसभा परिसर में प्रवेश किया। वाहन दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से आया, तीव्र मोड़ लिया, अवरोधक तोड़े और अंदर प्रवेश कर गया।

विधानसभा में कुल छह प्रवेश द्वार

अधिकारी ने बताया कि विधानसभा में कुल छह प्रवेश द्वार हैं। गेट नंबर-2 वीआईपी आवाजाही के लिए निर्धारित है और आमतौर पर विशेष अवसरों पर ही खोला जाता है, जबकि गेट नंबर-1 और सर्विस गेट से नियमित आवागमन होता है। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में हत्या के प्रयास, आपराधिक अतिक्रमण, लोक सेवक के खिलाफ बल प्रयोग, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित कानून की धारा 3 समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

"मुझे मरम्मत के लिए कोई रकम नहीं मिलेगी"

इस घटना के दौरान वहां मौजूदा जिस ई-रिक्शा को टक्कर लगी थी उसके चालक ने बताया कि कार लगभग 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। ई-रिक्शा चालक गौरव ने कहा, "मैंने अपना ई-रिक्शा विधानसभा के गेट नंबर 2 के बाहर खड़ा किया था और मेट्रो गेट के पास ग्राहकों का इंतजार कर रहा था, तभी मुझे एक जोरदार आवाज सुनाई दी जब कार लोहे के गेट से टकरा गई"।

चालक आमतौर पर विधानसभा मेट्रो स्टेशन और मजनू का टीला के बीच यात्रियों को ले जाता है। उन्होंने बताया कि जब तक वह अपने वाहन तक पहुंचा, तब तक वहां भीड़ जमा हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि इस घटना में ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया, उसके पिछले हिस्से का एक टुकड़ा टूट गया, ’टेल लाइट’ चकनाचूर हो गई और हैंडल मुड़ गया।

गौरव ने कहा, "मुझे मरम्मत के लिए कोई रकम भी नहीं मिलेगी"। उसने अनुमान लगाया कि इसमें लगभग 4,000 रुपये का खर्च आएगा। ई-रिक्शा चालक ने बताया कि गेट पर मौजूद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान ने कार के अंदर घुसने पर पुलिस और अन्य अधिकारियों को सतर्क करने की कोशिश की, लेकिन कार उनके पहुंचने से पहले ही वहां से बाहर निकल गई।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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