Garba Partner for Rent: नवरात्रि से पहले सोशल मीडिया पर ‘रेंट ए पार्टनर’ के नाम से वायरल हो रहे पोस्टर और विज्ञापनों को लेकर विवाद शुरू हो गया है। पोस्टरों में गरबा खेलने के लिए लड़के या लड़की को किराए पर उपलब्ध कराने और इसके लिए अलग-अलग रकम का जिक्र किए जाने का दावा किया जा रहा है। मामले को लेकर युवाओं और धार्मिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए गए हैं, जबकि अहमदाबाद साइबर क्राइम की सोशल मीडिया सेल इसकी जांच कर रही है।
अहमदाबाद साइबर क्राइम की DCP IPS लवीना सिन्हा ने लोगों को ऐसे पोस्ट और अनजान लिंक से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर नवरात्रि और गरबा के लिए ‘रेंट ए पार्टनर’ से जुड़े विज्ञापन सामने आ रहे हैं और सोशल मीडिया सेल इसकी जांच कर रही है।
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DCP लवीना सिन्हा के मुताबिक, शुरुआती जानकारी के आधार पर इसमें जागरूकता जरूरी है। ऐसे मामलों में संभव है कि पोस्ट के पीछे वास्तविक व्यक्ति न हो और यह किसी स्कैम का हिस्सा हो। उन्होंने चेताया कि पेमेंट के लिए QR कोड या लिंक भेजी जा सकती है। फोटो या वीडियो देखने के नाम पर भी किसी अनजान लिंक को डाउनलोड या ओपन करने के लिए कहा जा सकता है, जो फ्रॉड लिंक हो सकती है।
'गैरकानूनी गतिविधि की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता'
उन्होंने यह भी कहा कि किसी अनजान व्यक्ति से संपर्क के बाद गैरकानूनी गतिविधि की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। साइबर क्राइम के मुताबिक, वित्तीय धोखाधड़ी होने या गलती से किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के बाद पैसे चले जाने की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत करनी चाहिए और नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
धार्मिक संगठनों ने जताई आपत्ति
VHP के दक्षिण गुजरात प्रांत के प्रचार-प्रसार प्रमुख निलेश अकबरी ने वायरल पोस्ट को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे नवरात्रि और सनातन संस्कृति को लेकर आपत्तिजनक प्रचार बताते हुए कहा कि ऐसे कृत्य स्वीकार नहीं किए जाएंगे।आध्यात्मिक विश्लेषक डॉ. ज्योतिरनाथ ने भी ‘पार्टनर रेंट’ से जुड़े विज्ञापन पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि धार्मिक आस्था और माताजी की आराधना का पर्व है और ऐसी गतिविधि को लेकर समाज तथा पुलिस को कार्रवाई के लिए जागरूक होना चाहिए।
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महंत सुखराम दास ने भी वायरल पोस्टर को लेकर कड़ी आपत्ति जताई
खाखी मढ़ी श्रीराम मंदिर के महंत सुखराम दास ने भी वायरल पोस्टर को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में कार्रवाई की मांग की और नवरात्रि पंडालों के आयोजकों से ऐसे लोगों को प्रवेश नहीं देने की अपील की। वहीं, वायरल पोस्टरों की वास्तविकता, उनके पीछे कौन है और क्या उनका उद्देश्य वास्तव में पार्टनर उपलब्ध कराना है या लोगों को ठगना, इसकी जांच अहमदाबाद साइबर क्राइम की सोशल मीडिया सेल कर रही है। पुलिस ने लोगों से बिना सत्यापन किसी अनजान व्यक्ति से संपर्क या भुगतान नहीं करने और संदिग्ध लिंक से बचने की अपील की है।
