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Meerut News: खाली प्लॉट से बरामद हुए 3 लापता बच्चों के शव, गांव में तनाव का माहौल; कैसे हुई मौत?

उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित सिवालखास कस्बे से 3 अगस्त को लापता हुए तीनों बच्चों के शव बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि खाली प्लॉट में भरे पानी में डूबने से तीनों की मौत हुई है। हालांकि, परिजन अन्य आशंकाएं जताकर विरोध कर रहे हैं।

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मेरठ में लापता बच्चों के शव बरामद (फोटो-@meerutpolice)

मेरठ : जनपद के सिवालखास कस्बे में रविवार को लापता तीन बच्च अचानक लापता हो गए थे, जिनके शव सोमवार सुबह एक खाली भूखंड से बरामद हुए। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और बच्चों के परिजनों के साथ लोगों ने पुलिस चौकी पर हंगामा किया। पुलिस को आशंका है कि खाली प्लॉट में भरे पानी में डूबने से तीनों की मौत हुई है। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

न्यूज एजेंसी भाषा के हवाले से पुलिस के अनुसार, सिवालखास निवासी मानवी (8) पुत्री जितेंद्र, शिबू (8) पुत्र मोनू और ऋतिक (8) पुत्र हिम्मत रविवार सुबह करीब दस बजे घर के बाहर खेलते हुए लापता हो गए थे। परिजनों और अन्य लोगों ने दिनभर बच्चों की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह लगभग साढ़े पांच बजे तीनों बच्चों के शव एक खाली प्लॉट में मिले।

पुलिस क्षेत्राधिकारी (सरधना) आशुतोष कुमार ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मौत के कारण की पुष्टि रिपोर्ट के बाद ही की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। बच्चों के परिजन मजदूरी करते हैं। मृतक बच्चों में से दो स्थानीय स्कूलों में पढ़ते थे, जबकि एक स्कूल नहीं जाता था। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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