Delhi News: दिल्ली मेट्रो, दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन की अहम कड़ी है, दिल्लीवासियों की लाइफलाइन है। दिल्ली और एनसीआर के कई क्षेत्रों को जोड़ने में दिल्ली मेट्रो का कोई जवाब नहीं। राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को मजबूती देने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो (DMRC) की मैजेंटा लाइन के विस्तार के तहत प्रस्तावित सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर पर सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन से आज यानी बुधवार 24 जून को निर्माण कार्य की शुरु हो गया है। इस परियोजना का शुभारंभ सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 3 पर किया गया है।
कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर हजारों कर्मचारियों और पर्यटकों को सुविधा देगा। यही नहीं उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के अन्य मेट्रो लाइन्स के साथ इंटीग्रेशन से सफर आसान हो जाएगा।
कितना लंबा है सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर
करीब 9.91 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को केंद्र सरकार ने पिछले साल दिसंबर में मंजूरी दी थी। इसका मुख्य उद्देश्य पुनर्विकसित सेंट्रल विस्टा क्षेत्र, कर्तव्य भवनों और कर्तव्य पथ के आसपास स्थित प्रमुख सरकारी दफ्तरों तक तेज, सुविधाजनक और सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। अनुमान है कि इससे हर रोज लगभग 60 हजार सरकारी कर्मचारियों और करीब दो लाख आगंतुकों को फायदा मिलेगा।
सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर पर कहां-कहां बनेंगे स्टेशन
इस नए कॉरिडोर पर आर.के. आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे सेंट्रल दिल्ली के प्रशासनिक क्षेत्र तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।
यहां हो सकती है जाम की समस्या
सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर का काम शुरू हो चुका है। जैसे-जैसे इसका काम आगे बढ़ेगा, इसके चलते आर के आश्रम मार्ग, मंदिर मार्ग, पंचकुईंया रोड, शिवाजी स्टेडियम, शहीद भगत सिंह मार्ग, बाबा खड़क सिंह रोड, कृषि भवन, रेल भवन, सेना भवन, कर्तव्य पथ, इंडिया गेट और आसपास की सड़कें, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, तिलक मार्ग, मथुरा रोड, सिकंदरा रोड और रिंग रोड पर भी जाम की दिक्कत हो सकती है।
दिल्ली मेट्रो फेस-5ए पर कितना खर्च किया जा रहा?
यह परियोजना दिल्ली मेट्रो के फेस-5(ए) एक्सटेंशन का हिस्सा है, जिसमें कुल 16.07 किलोमीटर लंबे तीन कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसके लिए वित्तीय सहयोग केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) द्वारा किया जा रहा है।
सेंट्रल विस्टा तक पहुंच होगी आसान
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से सड़क यातायात पर दबाव कम होगा, निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही पश्चिम, उत्तर और पुरानी दिल्ली से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र तक यात्रा ज्यादा सुगम व समयबद्ध हो सकेगी।
दिल्ली मेट्रो में अभी कुल कितने स्टेशन
फेस-5(ए) के तहत एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक विस्तार परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क लगभग 395 किलोमीटर लंबा है और इसमें 289 स्टेशन शामिल हैं। प्रतिदिन औसतन 65 लाख यात्राएं करने वाला यह नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो सिस्टम में गिना जाता है।
