Old Pension Scheme Update : जम्मू और कश्मीर सरकार ने अपने कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा देते हुए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापस जाने का एक आखिरी मौका दिया है। यह एक वन-टाइम विकल्प (One-Time Option) है, जिसके तहत पात्र कर्मचारी अपनी पेंशन व्यवस्था बदल सकते हैं। हालांकि, इसके लिए सरकार ने कुछ खास शर्तें तय की हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य होगा।
किसे मिलेगा पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का मौका?
सरकार की अधिसूचना के अनुसार, केवल वही कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना चुनने के पात्र होंगे जिनकी भर्ती का विज्ञापन या अधिसूचना 24 दिसंबर 2009 से पहले जारी हुई थी, लेकिन उन्होंने 1 जनवरी 2010 या उसके बाद नौकरी ज्वाइन की थी। ऐसे सभी पात्र कर्मचारियों के पास 28 दिसंबर 2026 तक OPS में स्विच करने का मौका है। अगर कोई कर्मचारी निर्धारित समय सीमा तक इस विकल्प का उपयोग नहीं करता है, तो वह पहले की तरह NPS का हिस्सा बना रहेगा। अधिसूचना में यह भी साफ कर दिया गया है कि एक बार OPS का विकल्प चुनने के बाद कोई भी कर्मचारी दोबारा NPS में वापस नहीं लौट सकता।
OPS के लिए आवेदन करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
जो कर्मचारी इस योजना के तहत पात्र हैं, वे सीधे आवेदन नहीं कर सकते। इसके लिए एक तय प्रक्रिया बनाई गई है:-
- आवेदन जमा करना:- पात्र कर्मचारी को सबसे पहले अपना आवेदन अपने ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) के पास जमा करना होगा।
- आगे भेजना:- DDO इस आवेदन की समीक्षा करके इसे हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) या नियुक्ति प्राधिकारी (Appointing Authority) को भेजेगा।
- प्रशासनिक समीक्षा:- HOD इस मामले को संबंधित प्रशासनिक विभाग के पास भेजेगा।
- अंतिम आदेश:- प्रशासनिक विभाग नियमों के अनुसार कर्मचारी की पात्रता की जांच करेगा और सब कुछ सही पाए जाने पर एक महीने के भीतर OPS की मंजूरी का आदेश जारी कर देगा।
NPS खाते और जमा राशि का क्या होगा?
जो कर्मचारी सफलतापूर्वक पुरानी पेंशन योजना में स्विच कर लेंगे, उनका NPS खाता उस महीने के पहले दिन बंद कर दिया जाएगा, जिस महीने में OPS का नोटिफिकेशन जारी होगा। इसके साथ ही ऐसे कर्मचारियों के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) का खाता खोलना और उसमें अंशदान करना अनिवार्य हो जाएगा।
क्यों दिया गया कर्मचारियों को यह एकमुश्त विकल्प?
जम्मू और कश्मीर सरकार ने 24 दिसंबर 2009 को जारी एक अधिसूचना के जरिए राज्य में OPS को खत्म करके 1 जनवरी 2010 से NPS लागू कर दिया था। लेकिन कई कर्मचारियों ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि भले ही उन्होंने 2010 में नौकरी ज्वाइन की, लेकिन जिस पद पर उनका चयन हुआ, उसका विज्ञापन और भर्ती प्रक्रिया 24 दिसंबर 2009 से पहले ही शुरू हो चुकी थी। यानी विज्ञापन के समय राज्य में पुरानी पेंशन योजना ही लागू थी। इसी आधार पर कर्मचारियों ने OPS पाने का हक जताया था।
केंद्र सरकार का फैसला बना गेम-चेंजर
कर्मचारियों की इस मांग को बल केंद्र सरकार के मार्च 2023 के एक ऐतिहासिक फैसले से मिला। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आदेश जारी किया था कि जिन पदों का विज्ञापन 22 दिसंबर 2003 (NPS लागू होने की तारीख) से पहले आया था और जिन्होंने 1 जनवरी 2004 के बाद ज्वाइन किया, उन्हें OPS चुनने का एक मौका दिया जाएगा। जब केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को यह राहत दी, तो जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों ने भी इसी तर्ज पर अपने अधिकार की मांग की।
जम्मू-कश्मीर सरकार का फैसला और अंतिम मंजूरी
अक्टूबर 2024 में जम्मू-कश्मीर सरकार ने गृह मंत्रालय से पूछा था कि क्या केंद्र का यह आदेश यूटी (UT) के कर्मचारियों पर भी अपने आप लागू होता है। इस पर DoPPW ने 6 दिसंबर 2024 को जवाब दिया कि राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों के सेवा मामले उनके अपने अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इसलिए केंद्रीय नियम सीधे लागू नहीं होते और इस पर फैसला यूटी सरकार खुद ले सकती है। इसके बाद, जम्मू-कश्मीर सरकार ने मामले का अध्ययन किया और 10 सितंबर 2026 को मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को पेश किया, जहां इसे मंजूरी दे दी गई। इसके बाद 28 सितंबर 2026 को इसका आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया।
