नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले के चिलिमे गांव से नेपाली सेना द्वारा बचाए गए चार लोगों में तीन भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में 26 अगस्त को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत बचाव और राहत अभियानों में पड़ोसी देश की लगातार सहायता कर रहा है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, सोमवार को इस आपदा में मरने वालों की संख्या 900 के पार पहुंच गई, जबकि 4,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
रसुवा जिला बुरी तरह प्रभावित
श्रीवास्तव ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, नेपाली सेना द्वारा चिलिमे गांव से बचाए गए तीन भारतीय नागरिकों और उनके नेपाली सहयोगी से मुलाकात की। रसुवा का यह गांव अचानक आयी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हम नेपाली सेना की मदद के लिए उनका धन्यवाद करते हैं। उन्होंने बताया कि काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास इन लोगों की भारत वापसी की व्यवस्था कर रहा है।
19 सदस्यीय भारतीय फोरेंसिक टीम ने काम शुरू किया
विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि भारत ने नेपाल में बचाव अभियानों और आपदा में मारे गए लोगों की पहचान में सहायता के लिए विशेषज्ञ दल भी भेजे हैं।
मंत्रालय ने कहा कि 19 सदस्यीय भारतीय फोरेंसिक टीम ने रविवार से काठमांडू में काम शुरू कर दिया है। यह टीम शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूनों के विश्लेषण में सहायता करेगी। इसके अलावा, भारतीय सुरंग बचाव दल चिलिमे और लांगटांग स्थित जलविद्युत परियोजनाओं में अपना अभियान जारी रखे हुए है।
दलाई लामा ने बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रार्थना की
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र और तिब्बत के क्यिरोंग में विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना की। लेह में एक सभा को संबोधित करते हुए दलाई लामा ने कहा, आइए, हम सभी नेपाल और तिब्बत में इस भयावह आपदा से पीड़ित लोगों, मृतकों और जीवित बचे लोगों के लिए प्रार्थना करें। इसके बाद उन्होंने मृतकों और बाढ़ के कारण अब भी परेशानियों का सामना कर रहे लोगों के लिए अवलोकितेश्वर के मंत्र ओम मणि पद्मे हुम का जाप कराया।
वह रविवार को चोगलमसर के पास शेवात्सेल टीचिंग ग्राउंड में आयोजित प्रार्थना समारोह में बोल रहे थे। लद्दाख बौद्ध संघ (एलबीए), ऑल लद्दाख गोंपा एसोसिएशन (एएलजीए) और लद्दाख के तिब्बती समुदाय ने इस समारोह का आयोजन किया था, जिसमें करीब 25,000 लोगों के शामिल होने का अनुमान है।
