पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा आज सदन में बजट पेश कर रहे हैं। पंजाब के विकास को समर्पित 2,36,080 करोड़ रुपये का बजट आज पेश हो रहा है। जिसमें नशे को लेकर सरकार का रवैया सख्त नजर आ रहा है। पंजाब में नशे की समस्या के लिए पिछली सरकारों को कोसते हुए वित्तमंत्री ने 'वसदा पंजाब' यानी उन्नत पंजाब बनाने की बात कही।
मान सरकार बना रही 'वसदा पंजाब'
वित्त मंत्री चीमा ने पंजाब में बढ़ी नशे की समस्या के लिए पिछली सरकारों को दोष दिया। चीमा ने कहा कि पहले, अकाली दल और कांग्रेस ने पंजाब की जवानी को नशे की दलदल में डुबोया, अब मान सरकार नशा तस्करों का खात्मा करके 'वसदा पंजाब'बना रही है। पंजाब की तरक्की के लिए सबसे बड़ा खतरा नशा है।
नशे के खिलाफ मान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हमने युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम छेड़ी और ये भी कहा कि 'युद्ध नशे दे विरुद्ध' में पंजाब के लोग मान सरकार का साथ दे रहे हैं।
पंजाब सरकार ने 1 मार्च 2025 से 'युद्ध नशे दे विरुद्ध' अभियान शुरू किया था, जिसका उद्देश्य पंजाब से नशे को जड़ से मिटाना था। चीमा ने बताया कि इस अभियान के तहत कुछ ही दिनों में 2,136 FIR दर्ज की गईं और 3,816 ड्रग तस्कर गिरफ्तार हुए।
इस बजट में सीमा पार ड्रग तस्करी रोकने के लिए 110 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिसमें 5 हजार होम गार्ड BSF के साथ तैनात होंगे और एडवांस एंटी-ड्रोन सिस्टम के जरिए इसपर लगाम लगाई जाएगी।
पंजाब में होगी 'ड्रग जनगणना'
पंजाब में पहली बार 'ड्रग जनगणना' की जाएगी, जिससे नशे के प्रसार की सही जानकारी मिल सकेगी। ड्रग जनगणना के जरिए राज्य भर में नशीली दवाओं के उपयोग के पैमाने को नापा जाएगा और नशा मुक्ति केंद्रों की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए ₹150 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
ERSS को मिलेगी मजबूती
पंजाब में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के Dial 112 सेवा को और मजबूत करने के लिए 758 चार-पहिया और 916 दो-पहिया वाहन खरीदे जाएंगे, जिससे रिस्पांस टाइम 8 मिनट तक कम होगा। इसी के तहत मोहाली में नए Dial 112 हेडक्वार्टर के लिए 53 करोड़ आवंटित किए गए हैं और इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल के लिए 125 करोड आवंटित किए गए हैं।
