Chandigarh News: दिवाली को रोशनी का त्योहार कहा जाता है, लेकिन इस बार दिवाली पर चंडीगढ़ अंधेरे में डूब सकती है। क्योंकि इस दिन बिजली कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। 24 अक्टूबर को जहां आम लोग अपने घर को दिए जलाकर रोशन करेंगे, वहीं बिजली कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर बिजली शिकायत केंद्रों पर ड्यूटी करने की जगह विभाग के अफसरों का पुलता जलाकर प्रदर्शन करेंगे। अपने इस फैसले की घोषणा करते हुए बिजली विभाग की कर्मचारी यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि, प्रशासन उनकी मांगों को नहीं सुन रहा है। ऐसे में वह फिर से संघर्ष शुरू करने जा रहे हैं और इसकी शुरुआत दिवाली के दिन से होगी।
यूनियन ने बताया कि, अफसरों के अड़ियल व नकारात्मक रवैये के कारण वे यह प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं। दिवाली के दिन कोई भी कर्मचारी विशेष ड्यूटी नहीं करेगा। चंडीगढ़ के चारों एग्जीक्यूटिव इंजीनियर्स के अधीन चल रहे 14 बिजली शिकायत केन्द्रों पर पहुंचकर कर्मचारी अधिकारियों के पुतले जलाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चल रही इस खींचतान का खामियाजा दिवाली वाले दिन शहर की आम जनता को भुगतना पड़ सकता है। रोशनी वाले पर्व के दिन लोगों के घरों में अंधेरा छा सकता है।
कर्मचारी इन मांगों को पूरा किए जाने की कर रहे मांग
यूनियन पदाधकारियों ने बताया कि, चंडीगढ़ प्रशासन के सभी विभागों में संशोधित वेतन लागू होने के साथ 1 जनवरी, 2016 से एरियर का भुगतान भी हो चुका है। लेकिन बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। बिजली विभाग में कार्यरत सभी ग्रुप ए व ग्रुप बी के अधिकारी अपना एरियर ले चुके हैं, लेकिन सी व डी ग्रुप के कर्मचारियों को उनका एरियर नहीं दिया जा रहा है। साथ ही आउसोर्स पर काम कर रहे कर्मचारियों को भी नियमित नहीं किया जा रहा है। इन सभी मांगों को लेकर यूनियन फिर से संघर्ष शुरू करने जा रही है। बता दें कि, इसी साल फरवरी माह में भी बिजली विभाग के कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में हड़ताल की थी, जिसके कारण शहर में 3 दिन बिजली गुल रही थी। बाद में प्रशासन के साथ सहमति बनने पर कर्मचारी काम पर लौट आए थे।
