चंडीगढ़ : पंजाब और उत्तर भारत में आई बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं। इस आपदा की घड़ी में एम्स (AIIMS) नई दिल्ली ने राहत और चिकित्सा सहायता के लिए अपने डॉक्टरों और नर्सों की एक विशेष टीम को मैदान में उतारा है। यह कदम एम्स की समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा-भाव का उदाहरण है। एम्स ने हमेशा अपने ट्रिनिटी मिशन – रोगी सेवा, शिक्षा और अनुसंधान – को केंद्र में रखा है। अब बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरतमंदों तक पहुंचकर यह संस्थान सेवा-भाव का एक और उदाहरण पेश कर रहा है।
कौन शामिल है इस टीम में?
इस राहत टीम में विभिन्न विशेषज्ञता वाले डॉक्टर और नर्सें शामिल हैं।
चिकित्सा (Medicine)
मानसिक रोग (Psychiatry)
बाल रोग (Pediatrics)
सामुदायिक चिकित्सा (Community Medicine)
सर्जिकल विषय (Surgical Disciplines)
रेडियो डायग्नोसिस (Radiodiagnosis)
प्रयोगशाला चिकित्सा (Laboratory Medicine)
इन डॉक्टरों के साथ-साथ, चीफ नर्सिंग ऑफिसर के मार्गदर्शन में वरिष्ठ और अनुभवी नर्सिंग अधिकारी भी इस टीम का हिस्सा हैं।
सेवा का संकल्प
यह टीम प्रभावित इलाकों में पहुंचकर जरूरतमंदों को तत्काल चिकित्सा सुविधा, दवाओं का वितरण और परामर्श उपलब्ध कराएगी। बाढ़ से जूझ रहे हजारों परिवारों के लिए ये डॉक्टर और नर्सें उम्मीद की नई किरण बनेंगे। एम्स ने इन सभी चिकित्सकों और नर्सों की निस्वार्थ भावना को सलाम किया है और उनकी सुरक्षा एवं सफलता की कामना की है। यह कदम साबित करता है कि आपदा की घड़ी में देश के अग्रणी संस्थान सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इंसानियत की सेवा में भी हमेशा आगे रहते हैं।
इंसानियत की मिसाल
पंजाब और उत्तर भारत में राहत कार्यों के बीच एम्स का यह प्रयास दिखाता है कि जब समाज को मदद की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब चिकित्सा जगत की यह ताकत आशा और भरोसे की नई रोशनी जगाती है।
