Saharsa Train Fire News: बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार तड़के समस्तीपुर-सहरसा मेमू ट्रेन के दो डिब्बों में आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चंद्र ने 'पीटीआई' से कहा, 'समस्तीपुर-सहरसा मेमू ट्रेन (संख्या 63344) सोमवार तड़के करीब तीन बजे सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पहुंची। इसी दौरान स्टेशन मास्टर ने ट्रेन के मोटर कोच में आग लगने की सूचना दी। आग ने ट्रेन के दो डिब्बों को अपनी चपेट में ले लिया।'
उन्होंने बताया कि अग्निशामक यंत्रों से आग पर काबू नहीं पाया जा सका, जिसके बाद तुरंत दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित ट्रेन से उतार लिया गया और विद्युत लाइन की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई।
सीपीआरओ ने बताया कि करीब सुबह पांच बजकर 50 मिनट पर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना में किसी यात्री के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
सुबह 3 बजे का मंजर, नींद में लोग
समस्तीपुर से सहरसा की ओर जा रही पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी संख्या 63344) के इंजन और उससे सटी बोगी में अचानक भीषण आग लग गई। सुबह करीब 3 बजे हुई इस घटना के दौरान ट्रेन से अचानक उठती आग की लपटों और धुएं के घने गुबार को देखकर स्टेशन पर यात्रियों के बीच भारी अफरा-तफरी और भगदड़ जैसा माहौल बन गया।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय स्टेशन प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मुस्तैदी दिखाते हुए राहत कार्य शुरू कर दिया। आग तड़के उस समय लगी जब ज्यादातर यात्री नींद में थे, लेकिन लपटें उठते ही सतर्क यात्रियों ने शोर मचाकर अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की।
आग की शुरुआत ट्रेन के मुख्य इंजन से हुई, जो तेजी से फैलते हुए पीछे से जुड़ी एक यात्री बोगी तक पहुंच गई। धुआं और लपटें देखते ही यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से कूदना और भागना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की मशक्कत शुरू की।
