बिहार में आठ सीटों पर हो रहे विधान परिषद (MLC) चुनाव के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर बगावत के सुर तेज हो गए हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के बाद अब उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के तीन विधायकों ने भी बागी रुख अपनाते हुए गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
कुशवाहा की पार्टी के तीन विधायकों ने फूंका बगावत का बिगुल
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के तीन प्रमुख विधायकों- आलोक सिंह, माधव आनंद और रामेश्वर महतो ने एक साथ सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर साझा करते हुए बड़ा ऐलान किया है। तीनों विधायकों ने संयुक्त रूप से लिखा कि वे सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राम पुकार सिन्हा कुशवाहा के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे और उनका समर्थन करेंगे।
उल्लेखनीय है कि सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की यह सीट एनडीए के तहत जेडीयू के खाते में गई है, जहां से पार्टी ने आनंद पुष्कर को अपना उम्मीदवार बनाया है। गठबंधन धर्म को दरकिनार कर RLM विधायकों द्वारा अन्य उम्मीदवार के पक्ष में आना एनडीए के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
अनंत सिंह पहले ही कर चुके हैं बागी रुख का ऐलान
इससे पहले जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार को समर्थन देने के बजाय 'जन सुराज' समर्थित उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह का खुलकर समर्थन करना शुरू कर दिया था। अनंत सिंह लगातार अपने चहेते उम्मीदवार के लिए जनसंपर्क कर वोट मांग रहे हैं, जिससे सत्ता पक्ष की असहजता बढ़ गई है।
उपेंद्र कुशवाहा का बयान: "राजनीतिक माहौल में नशा घुल गया है"
अपनी पार्टी के तीन विधायकों की इस खुली बगावत पर जब RLM के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से सवाल किया गया, तो उन्होंने मामले को संभालते हुए कहा: "हमारी पार्टी में कोई बागी नहीं हुआ है। असल में इस चुनाव में पूरे राजनीतिक वातावरण में ही एक अजीब नशा घुल गया है। चाहे पक्ष हो या विपक्ष, इस वक्त चुनाव में सभी मदहोश हो गए हैं।"
बिहार एमएलसी चुनाव के इस क्रॉस-वोटिंग और गुटबाजी के खेल ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है, जिससे एनडीए नेतृत्व की चिंताएं बढ़ गई हैं।
