बिहार में आज का मौसम (5 Apr 2026): बिहार में पिछले कुछ दिनों से जारी चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों से अब राहत मिलने वाली है, लेकिन यह राहत अपने साथ आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की आफत भी लेकर आ रही है। शनिवार को भले ही तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन 38.4 डिग्री सेल्सियस की तपिश ने लोगों को लू जैसा अहसास कराया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अब बिहार के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि 9 अप्रैल तक राज्य के आसमान से आफत बरस सकती है। इस दौरान लोगों को अपने साथ छाता और रेनकोट रखने की सख्त सलाह दी गई है।
बिहार की ओर बढ़ रहा 1000 किलोमीटर लंबा बादलों का झुंड
मौसम विभाग ने सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी साझा की है। भारत और पाकिस्तान के ऊपर लगभग 1,000 किलोमीटर के दायरे में फैला बादलों का एक विशाल समूह देखा गया है, जो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का संकेत दे रहा है। ताजा तस्वीरों के अनुसार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की ओर से बादलों का यह भारी जमावड़ा बिहार की ओर बढ़ रहा है। साथ ही झारखंड की तरफ से भी बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिससे अगले कुछ दिनों तक पूरे बिहार के मौसम में उथल-पुथल मची रहेगी।
आज इन 12 जिलों में दिखेगा ठनका-आंधी का असर (Bihar Weather IMD Alert)
आज यानी 5 अप्रैल को बिहार के कुल 12 जिलों में मौसम विभाग ने 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इनमें मुख्य रूप से झारखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे जिले शामिल हैं। गया, बांका, जमुई, नवादा, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। राजधानी पटना में भी आज दिन भर बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट और गिरता तापमान (Hailstorm Alert Bihar)
मौसम का सबसे विकराल रूप 7 और 8 अप्रैल को देखने को मिल सकता है। 7 अप्रैल को जहां गया, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में ओलावृष्टि की आशंका के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहीं 8 अप्रैल को दक्षिण बिहार के सभी 19 जिलों में ओले गिरने की प्रबल संभावना है। इस दौरान मौसम जानलेवा साबित हो सकता है क्योंकि ठनका (बिजली) गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, इस आंधी-बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह होगा कि 8 अप्रैल तक बिहार का तापमान गिरकर 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाएगा, जिससे भीषण गर्मी पूरी तरह गायब हो जाएगी।
किसानों के लिए कृषि परामर्श और सावधानी (IMD Advisory)
मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। खेतों में काम करने वाले किसान मौसम खराब होते ही सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। पकी हुई गेहूं की फसल की कटाई और मड़ाई के दौरान सावधानी बरतें और कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। बारिश की संभावना को देखते हुए खड़ी फसलों में सिंचाई और कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल स्थगित रखने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी अपने मवेशियों को पेड़ों के नीचे बांधने के बजाय पक्के और सुरक्षित बाड़ों में रखने को कहा गया है।
