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उज्जैन में खड़े हनुमान को लेकर अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन, भड़के हिंदूवादी संगठन, साधु संत बोले-'हटने नहीं देंगे'

उज्जैन में खड़े हनुमान की प्रतिमा को हटाने को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। हिंदूवादी संगठन और साधु-संतों का जमावड़ा लगा और चेतावनी दी कि प्रतिमा को किसी भी हाल में हटने नहीं दिया जाएगा।

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उज्जैन में खड़े हनुमान की प्रतिमा

मध्य प्रदेश के उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर को लेकर पिछले 15 दिनों से चले आ रहा आंदोलन ने आज यानी 16 सितंबर को बड़ा रूप ले लिया। खड़े हनुमान मंदिर के पास साधु संतों व हिंदूवादी संगठनों का जमावड़ा देखा गया। यहां हजारों की संख्या में कार्यकर्ता व भक्त एकत्रित हुए। अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।

इसके साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। शासन प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि प्रतिमा को हटाया गया तो उग्र आंदोलन होगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की ही होगी। खास बात तो यह रही कि ज्ञापन बाबा महाकाल के नाम पर दिया गया।

उज्जैन के चमत्कारिक खड़े हनुमान मंदिर की देश ही नहीं विदेशों तक चर्चा

यहां बता दें कि उज्जैन के चमत्कारिक खड़े हनुमान मंदिर इन दोनों देश ही नहीं विदेशों तक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दरअसल यहां सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्यों के तहत सड़क मार्ग व चौराहा का चौड़ी करण किया जा रहा है । इसी चौड़ीकरण की जद में जो भी धर्मस्थल आ रहा है उन्हें हटाया जा रहा है । इसी क्रम में कई धार्मिक स्थल हटाए जा चुके हैं। जब खड़े हनुमान मंदिर को हटाया जा रहा था तब दीवार व गुंबज व शिखर तो हट गया परंतु प्रतिमा नहीं हट पाई ।

इस शिला का 5 फीट हिस्सा जमीन में अन्य शिला के माध्यम से इंटरलॉक

प्रतिमा हटाने को लेकर पुरातत्व विभाग की टीम व प्रशासन का अमला कई बार प्रयास कर चुका है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह बताया जा रहा है कि जिस शिला पर प्रतिमा बनी है इस शिला का करीब 5 फीट हिस्सा जमीन में अन्य शिला के माध्यम से इंटरलॉक है। इसलिए चारों ओर से खुदाई की जाएगी फिर प्रतिमा बाहर निकले।

'खुद हनुमान जी यहां से हटाना नहीं चाहते हैं '

वही शास्त्र व धर्म के जानकारों व हिंदूवादी संगठन और साधु संतों का कहना है कि यह चमत्कारिक मंदिर है। 200 वर्ष पुरानी यह प्रतिमा है। खुद हनुमान जी यहां से हटाना नहीं चाहते हैं इसलिए यहां प्रतिमा नहीं हटाई जाना चाहिए। खड़े हनुमान मंदिर के चमत्कार की चर्चा शहर, प्रदेश, देश व अन्य देशों तक पहुंच चुकी है। सनातन को मानने वाले अब इस प्रतिमा को हटाने का विरोध कर रहे है।

ज्ञापन बाबा महाकाल के नाम पर दिया गया

विरोध के इस क्रम में अलग-अलग प्रकार के प्रयास किया जा रहे हैं । प्रतिदिन यहां धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है। भंडारा हो रहा है। इसी क्रम में अब तक का सबसे बड़ा आयोजन आज हुआ है। यहां हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए। साधु संत, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल व अन्य अन्य सामाजिक संगठनों के प्रमुख एकत्रित हुए। हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और एसडीएम एल एन गर्ग को ज्ञापन सौंपा गया, खास बात तो यह रही कि ज्ञापन बाबा महाकाल के नाम पर दिया गया।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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