उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को लेकर पहले से ही चर्चाओं का दौर जारी है। अब मंदिर के आसपास बंदरों की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं की उत्सुकता और बढ़ा दी है। लोगों ने इसे भगवान हनुमान से जोड़ते हुए अलग-अलग तरह की बातें कही हैं। उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को लेकर इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सड़क चौड़ीकरण के चलते मंदिर को हटाए जाने की चर्चा के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं और मंदिर को इसी स्थान पर बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच मंदिर के आसपास बंदरों के दिखाई देने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं।
बंदरों को लेकर क्या कह रहे लोग?
मंदिर के पास बंदरों को देखकर मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़ दिया। उनका कहना है कि ‘हनुमान जी को बचाने खुद वानर पहुंच रहे हैं।’ बंदरों की मौजूदगी को लेकर श्रद्धालुओं के बीच यह चर्चा सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल रही है। हालांकि, मंदिर के आसपास बंदरों का आना अपने आप में कोई असामान्य घटना नहीं है। धार्मिक नजरिए से इसे चमत्कार मानना लोगों की व्यक्तिगत आस्था और धारणा का विषय है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार सामने नहीं आया है।
मंदिर को लेकर पहले से जारी है चर्चा
खड़े हनुमान मंदिर को लेकर सड़क चौड़ीकरण के कारण इसे हटाए जाने की चर्चा ने पहले ही श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा हुआ है। मंदिर से जुड़ी खबरों के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंच रहे हैं और मंदिर के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। लोग पूजा-अर्चना करने के साथ मंदिर को इसी स्थान पर बनाए रखने की मांग भी कर रहे हैं। अब बंदरों की मौजूदगी ने इस पूरे मामले में लोगों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल
मंदिर के आसपास बंदरों के नजर आने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। श्रद्धालु इन्हें अपनी-अपनी आस्था के नजरिए से देख रहे हैं। हालांकि, बंदरों के मंदिर के पास पहुंचने की वजह को लेकर कोई आधिकारिक या वैज्ञानिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। फिलहाल खड़े हनुमान मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं की आस्था और उत्सुकता बनी हुई है। सड़क चौड़ीकरण और मंदिर को लेकर चल रही चर्चा के बीच अब बंदरों की मौजूदगी ने इस मामले को एक नया धार्मिक और सोशल मीडिया एंगल दे दिया है।ट
क्या है पूरा मामला?
मामला उज्जैन के कंठाल चौराहे से छत्री चौक यानी बड़ा सराफा मार्ग का है। सिंहस्थ कुंभ 2028 से पहले शहर के पुराने हिस्से में सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम चल रहा है। इसी परियोजना की जद में करीब 170 साल पुराना खड़े हनुमान मंदिर भी आया। प्रशासन ने मंदिर की चाहरदीवारी और भवन के कुछ हिस्से को हटा दिया है। हालांकि, मंदिर में विराजमान हनुमान प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। इसके बाद प्रतिमा को फिलहाल टेंट लगाकर सुरक्षित रखा गया है।
इधर, प्रतिमा को हटाए जाने के विरोध में हिंदू संगठनों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार शाम मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर महाआरती की। इस दौरान ढोल-ताशे बजाए गए और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों की मांग है कि हनुमान प्रतिमा को उसी स्थान पर रखा जाए और मंदिर को यथास्थान बनाए रखने का रास्ता निकाला जाए। सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के बीच अब यह मामला धार्मिक आस्था और स्थानीय विरोध का मुद्दा बन गया है।
