Ujjain rape case Update: मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में 12 साल की नाबालिग बच्ची के साथ जो हैवानियत हुई। इससे हर किसी का दिल दहल गया। सोमवार को उज्जैन के महाकाल पुलिस थाना क्षेत्र में एक सड़क पर खून से लथपथ पाई गई। उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां मेडिकल जांच में उसके साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है। लोगों में काफी आक्रोश है। इसको लेकर प्रदेश की सियासत भी गर्म है। विपक्ष दल सरकार पर जमकर निशाना साध रही है लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुंह खोलने को तैयार ही नहीं है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कानूनी कार्रवाई हो रही है। एसपी सचिन शर्मा का कहा कि सूचना मिलने पर बच्ची का तुरंत मेडिकल जांच कराया गया था। अभी तक की जानकारी में पता चला कि बच्ची सतना की है। घटना के समय और उस दिन बच्ची के संपर्क में आए 5 लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पीड़िता की मदद करने वाले पुजारी राहुल शर्मा कहा...
उज्जैन की नाबालिग बलात्कार पीड़िता की मदद करने वाले पुजारी राहुल शर्मा कहा कि जैसे ही मैंने लड़की को देखा, जो अर्धनग्न अवस्था में थी और खून बह रहा था, मैंने उसे ढकने के लिए कपड़े का एक टुकड़ा दिया। मैंने उससे बहुत सारी बातें पूछीं लेकिन मुझे समझ नहीं आया कि वह क्या कह रही है। मैंने तुरंत हेल्पलाइन '100' पर फोन किया, 20 मिनट के भीतर पुलिस आ गई और आज लड़की सुरक्षित है। ऐसा लग रहा था कि वह लंबी दूरी तय करके यहां पहुंची है। दोषी पाए जाने वालों को मौत की सजा दी जानी चाहिए।
ऐसे अपराधियों को चौराहे पर फांसी दे देनी चाहिए- उषा ठाकुर
एमपी की सांस्कृतिक मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि सरकार और प्रशासन अपना काम कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में कानून इतना सख्त है कि कोई भी शैतान सुरक्षित नहीं रह सकता। यहां मौत की सजा का प्रावधान है। लड़की इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उसके माता-पिता के बारे में पता लगाया जा रहा है। अगर ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, तो समाज, परिवार और सभी को चिंता करनी होगी। अपने बच्चों को आध्यात्मिक संस्कृति सिखाएं। हम महिलाओं को अपनी मां और बहन मानते हैं। ये मैकाले की शिक्षा पद्धति के कारण इस संस्कृति के अभाव का ही दुष्परिणाम है कि इतने कड़े कानून के बावजूद भी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है। ऐसे अपराधियों को चौराहे पर फांसी दे देनी चाहिए, उनका अंतिम संस्कार नहीं करना चाहिए और चील-कौवे उनके शरीर को खाना चाहिए।
पीड़िता का इलाज जारी- गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा
इससे पहले मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पीड़ित लड़की का इलाज जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि लड़की उज्जैन के बाहर के किसी क्षेत्र की प्रतीत हो रही है। चूंकि वह (घटना को लेकर) ठीक तरह से जवाब दे नहीं पा रही है। इसलिए विशेषज्ञों और काउंसलर की मदद से उससे बातचीत का प्रयास किया जा रहा है। बलात्कार की घटना को लेकर राज्य की बीजेपी सरकार के खिलाफ कांग्रेस के तीखे हमलों के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने प्रतिप्रश्न किया कि क्या आपको कांग्रेस के प्रमाणपत्र की जरूरत होगी?
मध्यप्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया- कमलनाथ
इस बीच मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने पीड़िता को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाने की मांग की। कमलनाथ ने बुधवार को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पर लिखा कि उज्जैन में एक छोटी बच्ची के साथ अत्यंत क्रूरतापूर्ण दुराचार का मामला देखकर रूह कांप गई। 12 साल की बेटी के साथ जिस तरह का दुष्कृत्य हुआ, उससे मानवता शर्मसार हो जाती है। ऐसी जघन्य घटना प्रशासन और समाज के माथे पर कलंक है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि जनता परेशान है।
गौर हो कि मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में जघन्य बलात्कार की शिकार 12 साल की बच्ची का इंदौर के एक सरकारी अस्पताल में बुधवार को स्पेशल मेडिकल टीम ने ऑपरेशन किया जिसके बाद उसकी हालत गंभीर, लेकिन स्थिर है। डॉक्टर लगातार बच्ची पर नजर रख रहे हैं। पुलिस मामले की तहकीकात और सीसीटीवी फुटेज की छानबीन के लिए एसआईटी का गठन किया गया है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
