भोपाल

Bhopal News: जिले में 1 से 15 साल तक के 9 लाख बच्चों को लगेगा जापानी बुखार का टीका, इसी महीने होगी शुरुआत

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जापानी बुखार के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी गई है। इस महीने की 27 तारीख से भोपाल में 1 से 15 साल तक के बच्चों को जैपनीज इंसेफ्लाइटिस का टीका लगाया जाएगा। इस मुहिम के जरिए जिले के लाखों बच्चों में जापानी बुखार के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित होगी।

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भोपाल में जापानी बुखार के लिए टीकाकरण

Photo : Twitter

जापानी बुखार यानी दिमागी बुखार (japanese Encephalitis) एक घातक बीमारी है। लेकिन अच्छी बात यह है कि टीकाकरण के जरिए इसके संक्रमण (Infection) से बचा जा सकता है। राजधानी भोपाल में बच्चों को जापानी बुखार से बचाने की कवायद शुरू होने जा रही है। इस मुहिम के तहत 1 से 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को जापानी बुखार के संक्रमण से बचाने के लिए टीके लगाए जाएंगे। दिमागी बुखार के खिलाफ यह मुहिम 27 फरवरी से शुरू होगी।

स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी भोपाल में 9 लाख बच्चों को इस इंफेक्शन से बचाने के लिए सिंगल डोज लगाए जाने का लक्ष्य रखा है। राजधानी के हेल्थ डिपार्टमेंट ने इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां भी कर ली हैं। हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन की स्पेशल ट्रेनिंग भी दी गई है।

1 साल से कम उम्र के बच्चों को वैक्सीन नहीं

जिन बच्चों को यह वैक्सीन लगाी जाएगी, उनमें दिमागी बुखार फैलाने वाले इस वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होगी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अपडेट दिया है कि जिन बच्चों की उम्र एक साल से कम है, उन्हें यह वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। इस उम्र के बच्चों को जापानी बुखार का टीका अगले चरण में लगाया जाएगा। 1 साल से कम उम्र के बच्चों को बाद में दो टीके लगाए जाएंगे। इसमें पहला टीका 9 महीने की उम्र में और दूसरा टीका 16 महीने होने पर लगाया जाएगा।

जैपेनीज इंसेफ्लाइटिक का टीका लगने से बच्चों की सेहत में कोई बदलाव नहीं होगा, बल्कि सिर्फ जापानी बुखार से उनका बचाव हो पाएगा। टीका लगाने के बाद कुछ बच्चों को टीके के स्थान पर त्वचा लाल होने और खुजली जैसी समस्या हो सकती है। इसके लिए किसी तरह की दवा की जरूरत नहीं है, यह कुछ देर बाद अपने आप ठीक हो जाएगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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