भोपाल

'जहां मेरी दुल्हन, वहीं मेरा मंडप', राजगढ़ में अनोखी शादी बनी मिसाल, दूल्हे ने अस्पताल में सात फेरे लेकर जीता लोगों का दिल

एमपी के राजगढ़ जिले में शादी से पहले दुल्हन के बीमार पड़ने पर शादी को टालने की बजाए दूल्हे ने अस्पताल में शादी करके लोगों को हैरान कर दिया। राजगढ़ के अस्पताल में हुई ये अनोखी शादी लोगों के लिए मिसाल बन रही है। इस शादी ने साबित कर दिया है कि सच्चा प्यार रस्मों-रिवाजों का मोहताज नहीं होता है।

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राजगढ़ में अनोखी शादी बनी मिसाल

Photo : iStock

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां सच्चे प्यार की एक नई मिसाल देखने को मिली है। कहा जाता है कि अगर प्यार सच्चा हो तो रस्मों की दीवार और समाज की बेड़ियां टूट ही जाती है। हालात चाहे कैसे भी हो कोई भी चीज आपको अपने प्यार से अलग नहीं कर पाती। ऐसा ही कुछ लोगों को राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के पंजाबी अस्पताल में देखने को मिला। यहां एक दूल्हे ने अस्पताल में अपनी प्रेमिका से शादी की। परंपराओं की सारी सीमाएं लांघकर युवक ने युवती के साथ शादी रचाई।

शादी से पहले बीमार बड़ी दुल्हन से अस्पताल की रचाई शादी

मिली जानकारी के अनुसार, राजगढ़ ज़िले के ब्यावरा शहर के निवासी आदित्य की एक युवती से शादी होने वाली थी, लेकिन शादी से पहले युवती का टाइफाइड बिगड़ गया, जिसके कारण उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। इसके बाद परिजनों समते कई लोगों ने शादी को टालने की बात की। लेकिन दूल्हे ने कुछ ऐसा किया जो लोगों के लिए मिसाल बन गया।

'जहां मेरी दुल्हन, वहीं मेरा मंडप' कहते हुए दूल्हा आदित्य सिंह बारात लेकर सीधा अस्पताल पहुंच गया है, जहां दुल्हन भर्ती थी। डीजे, बैंड-बाजा सभी अस्पताल पहुंचे। यहां मंडप और पंडाल में होने वाली शादी अस्पताल के उस कमरे में हुई जहां दुल्हन टायफाइड से जूझ रही थी। अस्पताल में बिना शोर-शराबे, बिना दिखावे, सभी रिश्तेदारों की मौजूदगी में दूल्हे ने दुल्हन को गोद में उठाया और सात फेरे लेते हुए हर सुख-दुख में साथ निभाने की कसम खाते हुए सात फेरे लेकर शादी की। इस अनोखी शादी और सच्चे प्यार के गवाह डॉक्टर, नर्स और मरीज बने।

अस्पताल में हुई अनोखी शादी

अस्पताल प्रबंधन ने इस अनोखी शादी को मानवीयता के आधार पर अनुमति दी, लेकिन पूरी प्रक्रिया के दौरान शांति बनाए रखी गई और मरीजों की सुविधा का ध्यान रखा गया। शादी सिर्फ एक रस्म नहीं थी, यह एक संदेश थी कि सच्चा प्यार हालातों का मोहताज नहीं होता। जहां दिल जुड़े हों, वहां मण्डप नहीं मोहब्बत ही सबसे बड़ा धर्म है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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