भोपाल

Bhopal: सावधान! नगर निगम का नया फरमान, 15 मीटर से ऊंची बिल्डिंग बनानी है तो करें ये

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 17, 2022, 01:38 PM IST

Bhopal : भोपाल में अब 15 मीटर से ऊंचे हर नई बिल्डिंग का कम्प्लीशन प्रमाण पत्र लेने के लिए अब फायर प्लान अप्रूवल लेना होगा। नया नियम रिहायशी, धार्मिक व सामुदायिक भवनों पर लागू नहीं होगा। फायर प्लान अप्रूवल के लिए 15 मीटर से ऊंची बिल्डिंगों में आग बुझाने के उपकरण रखने आवश्यक होंगे। पोर्टल अपडेट होने के बाद फिलहाल हॉस्पिटल्स व नर्सिंग होम को फायर प्लान अप्रूवल नहीं दी जाएगी। आवेदन मिलने के एक माह के भीतर फायर प्लान को मंजूरी दी जाएगी। जिसमें दो माह की सीमित समय सीमा के भीतर भवन मालिक फायर प्लान अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं करता है तो प्रतिदिन 500 के हिसाब से जुमार्ना वसूला जाएगा।

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भोपाल में अब 15 मीटर से ऊंची बिल्डिंगों के लिए फायर प्लान अप्रूवल लेना होगा। (फाइल फोटो )

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • 15 मीटर से ऊंची हर नई बिल्डिंग के लिए अब फायर प्लान अप्रूवल लेना होगा
  • आवेदन मिलने के एक माह के भीतर फायर प्लान को मंजूरी दी जाएगी
  • नया नियम रिहायशी, धार्मिक व सामुदायिक भवनों पर लागू नहीं होगा

Bhopal Municipal Corporation : राजधानी भोपाल के लोगों के लिए ये अहम खबर जानना जरूरी है। भवन निर्माण को लेकर नगर निगम की ओर से नया फरमान जारी किया गया है। बता दें कि 15 मीटर से ऊंची हर नई बिल्डिंग का कम्प्लीशन प्रमाण पत्र लेने के लिए अब फायर प्लान अप्रूवल लेना होगा। निगम के अधिकारियों के मुताबिक ये नया नियम रिहायशी, धार्मिक व सामुदायिक भवनों पर लागू नहीं होगा। गौरतलब है कि अब तक प्रोविजनल फायर एनओसी के जरिए ही नई बिल्डिंगों को कम्प्लीशन प्रमाण पत्र दिया जाता था। अब ई-नगर पालिका पोर्टल में बदलाव किए जाने के बाद हाल ही में इसे आमजन के लिए खोला गया है।

ये किए गए हैं बदलाव

नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर के एस परिहार के मुताबिक नए नियमों के चलते फायर प्लान अप्रूवल के लिए 15 मीटर से ऊंची बिल्डिंगों में आग बुझाने के उपकरण रखने आवश्यक होंगे। निगम की फायर शाखा की ओर से ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर अप्रूवल जारी होगी। अपर आयुक्त के मुताबिक पोर्टल अपडेट होने के बाद फिलहाल हॉस्पिटल्स व नर्सिंग होम को फायर प्लान अप्रूवल नहीं दी जाएगी। इस पोर्टल से प्रोविजनल फायर एनओसी, टेंपरेरी एनओसी और फायर एनओसी रिनुअल की जाती थी। मगर अब नेशनल बिल्डिंग कोड के तहत प्रोविजनल एनओसी के स्थान पर फायर प्लान अप्रूवल दिया जाएगा। इसी प्रकार अब टेंपरेरी फायर एनओसी की जगह फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। वहीं फायर एनओसी रिनुअल के स्थान पर फायर सेफ्टी रिनुअल लेनी होगी।

देरी की तो इतना लगेगा रोज का जुर्माना

अपर आयुक्त के मुताबिक पूर्व में बने भवनों के लिए फायर ऑफिसर द्वारा आवेदन मिलने के एक माह के भीतर फायर प्लान को मंजूरी दी जाएगी। जिसमें दो माह की सीमित समय सीमा के भीतर भवन मालिक फायर प्लान अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं करता है तो प्रतिदिन 500 रुपए के हिसाब से जुमार्ना वसूला जाएगा। यह शुल्क एक साल के बाद बढ़कर 1000 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से वसूला जाएगा। ये लेट फीस एक वर्ष के बाद एक हजार रुपए प्रतिदिन की दर से वसूली जाएगी। वहीं फायर प्रमाण पत्र के लिए अलग से फीस निर्धारित की गई है। जिसमें रिहायशी व एजुकेशनल बिल्डिंग के लिए दो हजार चुकाने होंगे। जिसमें 5 सौ वर्ग मीटर के लिए दो रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से फीस लगेगी।
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