बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह का वीडियो वायरल होने के बाद सीएम सम्राट चौधरी ने बडी कार्रवाई की है। सीएम ने इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। राजेश कुमार सिंह ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को लेकर ‘हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार’ कहावत का इस्तेमाल किया था,जिसके बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई थी। इससे पहले, बीपीएससी एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने अपने विवादित बयान को लेकर छात्रों से माफी मांगी थी।
मुख्यमंत्री ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी से बात की और सामान्य प्रशासन विभाग को राजेश कुमार सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन पहले से जारी है और BPSC की शिक्षक भर्ती परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होनी है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, BPSC की ओर से TRE-4 और 70वीं BPSC सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठक आयोजित की गई थी। इसी दौरान परीक्षा प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर आयोग की ओर से जानकारी दी जा रही थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में 70वीं BPSC परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका से जुड़ा सवाल पूछा गया। सवाल था कि यदि किसी छात्र की ओर से गलत उत्तर पुस्तिका या उससे संबंधित सामग्री सामने लाई जा रही है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। इस सवाल के जवाब में परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा, ‘हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार।’ उनका यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। BPSC TRE-4 को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने भी इस टिप्पणी का विरोध किया।टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़े: BPSC TRE 4: 'हाथी चले बाजार कुत्ते भौंके हजार' बयान पर गरमाया विवाद, एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने मांगी माफी
सातवें दिन भी जारी है अभ्यर्थियों का आंदोलन
बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 के पैटर्न में किए गए बदलावों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। 24 अगस्त को प्रदर्शन का सातवां दिन है। अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया और नए बदलावों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। विवादित टिप्पणी के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। उनका कहना है कि जिन युवाओं को आगे चलकर सरकारी सेवाओं में अधिकारी बनना है, उनके लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
तेजस्वी यादव ने भी साधा निशाना
BPSC परीक्षा नियंत्रक के बयान को लेकर RJD नेता तेजस्वी यादव भी अभ्यर्थियों के समर्थन में सामने आए। गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर पहुंचकर उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए कुत्ता-बिल्ली जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग की।
राजेश कुमार सिंह ने मांगी थी माफी
विवाद बढ़ने के बाद परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और उनका किसी व्यक्ति या समूह की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि उनके बयान से किसी की भावना आहत हुई है तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
अब मुख्यमंत्री ने लिया बड़ा एक्शन
हालांकि माफी के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
