मध्य प्रदेश में बारिश के कारण नेशनल और स्टेट हाईवे की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है, जिसमें जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इसके बावजूद, टोल वसूली जारी है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है कि जर्जर सड़कों पर टोल नहीं लिया जा सकता। दैनिक भास्कर की जांच में पाया गया कि नेशनल हाईवे-46 (ग्वालियर से बैतूल), एनएच-47 (नागपुर-औबेदुल्लागंज) और स्टेट हाईवे-18 (भोपाल-विदिशा) जैसी सड़कों पर गड्ढों की भरमार है।
इन सड़कों से रोजाना 50 लाख रुपए तक टोल वसूला जा रहा है। एनएचएआई भोपाल के आरओ, एसके सिंह ने कहा कि टोल केवल उन हिस्सों से लिया जा रहा है जहां सड़कें पूरी हैं, लेकिन यदि कहीं गड्ढे हैं तो शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। उदाहरण के लिए, एनएच-46 पर हर 300 मीटर पर 8 से 10 इंच गहरे गड्ढे हैं, जबकि यह हाइवे 2022 में तैयार हुआ था।
इसी तरह, स्टेट हाईवे-63 पर भी 5 किमी का हिस्सा खराब है, जहां रोजाना 6.5 लाख रुपए का टोल वसूला जा रहा है। अन्य हाईवे जैसे बैतूल से इटारसी जाने वाला मार्ग भी जर्जर है, जहां 15 हजार वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। इस स्थिति में, टोल वसूली की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, जबकि सड़कों की मरम्मत की आवश्यकता है।
