भोपाल

Guna: कलोरा डैम टूटने का मंडरा रहा खतरा, 11 गांवों पर लटकी तलवार, बचाव कार्य के लिए तैनात की गई सेना

गुना जिले में मंगलवार को मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कलोरा बांध की वेस्ट बीयर टूटने से आठ गांव जलमग्न हो गए। प्रशासन ने MP-राजस्थान के 11 गांवों में अलर्ट जारी किया और सेना तथा NDRF को राहत कार्यों के लिए तैनात किया है। स्थिति अभी गंभीर बनी हुई है।

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बांध का हिस्सा टूटने से गांव में आया पानी

Photo : Times Now Digital

Guna News: गुना जिले में मंगलवार को ऐसी मूसलाधार बारिश हुई कि हालात काबू से बाहर जाने लगे, इससे जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो गया। पिछले कुछ दिनों की भीषण बारिश का कहर कल और बरपा जब सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार पानी बरसा। इस बेजोड़ बारिश से स्थिति तब और गंभीर हो गई जब बमोरी इलाके में स्थित कलोरा बांध की वेस्ट बीयर को करीब 10 फीट टूट गई। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने MP-राजस्थान के 11 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है और एहतियातन बबीना से सेना की एक टुकड़ी को बुलाया गया है।

12 घंटों में बरसा 10 इंच पानी

पिछले 12 घंटों में जिले में करीब 10 इंच तक पानी बरसा है, जिससे कई कॉलोनियों में जलभराव हो गया है। लगभग सभी नदी-नाले उफान पर हैं और नानाखेड़ी क्षेत्र में सड़कों पर पांच फीट तक पानी भर गया है, जिससे यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

8 गांव जलमग्न

सोमवार-मंगलवार की रात हुई बारिश के बाद बमोरी इलाके में स्थित कलोरा बांध की वेस्ट बीयर लगभग 10 फीट तक टूट गई और पानी आसपास के गांवों में पानी भरने लगा। सिंगापुर, तुमड़ा, कुड़का, बंधा, उमरधा, बनियानी और राजस्थान सीमा से लगे मामली और बिलोदा गांवों में स्थिति की गंभीरता देखते हुए प्रशासन ने लोगों को बाहर निकाल कर इलाका खाली कराया।

बुलाई गई है सेना

तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDERF को तैनात कर दिया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर NDRF और सेना को भी बुला लिया है। स्थानीय प्रशासन और सेना मिलकर स्थिति पर नियंत्रण पाने और लोगों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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