Ashok Gehlot: कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं (वह महिला जिसने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया हो) की मौत के मामले को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कोटा दौरे पर पहुंचे गहलोत ने इस संवेदनशील प्रकरण की जांच रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि घटना को करीब डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक मौतों के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में पारदर्शिता दिखानी चाहिए और पीड़ित परिवारों की चिंताओं को दूर करना चाहिए।
पूरे प्रदेश को झकझोर दिया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अस्पताल में हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। उस समय सरकार ने जांच के आदेश देकर जवाबदेही तय करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच पूरी हो चुकी है तो रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि जनता को सच्चाई का पता चल सके और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
आर्थिक सहायता नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण
अशोक गहलोत ने इस मुद्दे को मानवीय संवेदना से जोड़ते हुए कहा कि जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है, उन्हें अब तक किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को विशेष राहत पैकेज या मुआवजा दिया जाना चाहिए। गहलोत ने आगे कहा कि राज्य सरकार के पास विभिन्न प्रकार के राहत कोष और आपदा सहायता फंड उपलब्ध रहते हैं, जिनका इस्तेमाल कर प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक संबल प्रदान किया जा सकता है।
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चर्चा का केंद्र कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का मामला
राजनीतिक दृष्टि से भी गहलोत का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में प्रसूताओं की मौत का मामला एक बार फिर सियासी बहस का केंद्र बनता नजर आ रहा है। गहलोत ने सरकार से कहा कि वह इस मामले को राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय संवेदनशीलता से देखे और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करके जवाबदेही तय करे। पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का मामला एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा में आ गया है।
(कोटा से अर्जुन अरविंद की रिपोर्ट)
