Ambernath News: महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बीच राजनीति ने ऐसा मोड़ लिया है, जिसकी शायद ही किसी को उम्मीद थी। देशभर में एक-दूसरे के खिलाफ मुखर रहने वाली कांग्रेस और भाजपा ठाणे जिले के अंबरनाथ में एक साथ खड़ी दिखाई दे रही हैं। यह राजनीतिक तालमेल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के खिलाफ बनाया गया है, जिसने राज्य की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। मुंबई से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित अंबरनाथ नगर परिषद में यह नया सियासी समीकरण सामने आया है, जिसे आने वाले नगर निगम चुनावों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
कांग्रेस से भाजपा की ओर 12 पार्षद
अंबरनाथ नगर परिषद के हालिया चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर चुने गए 12 पार्षदों ने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है। इसकी जानकारी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने ठाणे स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित देर रात की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। चव्हाण ने कहा कि इन पार्षदों की औपचारिक जॉइनिंग प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में पूरी कर ली जाएगी। उनके मुताबिक, यह फैसला सत्ता की राजनीति से नहीं बल्कि शहर के विकास को प्राथमिकता देने की सोच के तहत लिया गया है।
‘विकास के मुद्दे पर लिया फैसला’
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस द्वारा निलंबित किए गए अंबरनाथ ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अंबरनाथ विकास गठबंधन का गठन सिर्फ शहर की बेहतरी के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन पार्टी नेतृत्व को स्थिति की सही जानकारी नहीं दी गई। प्रदीप पाटिल ने दावा किया कि बिना चर्चा किए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे पार्षदों को आहत होना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करना उनकी प्राथमिकता है और इसी कारण सभी निर्वाचित पार्षदों ने भाजपा के साथ जाने का निर्णय लिया।
