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अब तक 13 भारतीयों की मौत, 3 लापता, 7 जहाज फंसे...अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण होर्मुज में मची तबाही

एक सरकारी अधिकारी ने पीटीआई को बताया, फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले सात जहाजों पर लगभग 148 नाविक सवार हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए, वे फिलहाल इस क्षेत्र से बाहर आने की योजना नहीं बना रहे हैं।

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होर्मुज में जहाजों पर हमला (AI Image)

US-Iran War: मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच भारतीय लगातार यूएस-ईरान हमले का शिकार बन रहे हैं। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीय नागरिक मारे गए हैं और तीन लापता हैं। ताजा घटना तब हुई जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो अमीराती तेल टैंकरों पर मिसाइलों से हमला किया गया, जिसमें एमटी अल बहाय (MT Al Bahyah) जहाज पर सवार एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई।

साइप्रस के ध्वज वाले कंटेनर जहाज पर हमला

यह हमला साइप्रस के ध्वज वाले कंटेनर जहाज जीएफएस गैलेक्सी (GFS Galaxy) पर ईरानी हमले के दो दिन बाद हुआ, जिसमें एक भारतीय नाविक लापता हो गया था। संघर्ष के तेज होने के बावजूद, 148 भारतीय नाविकों को ले जा रहे सात भारतीय ध्वज वाले जहाज फारस की खाड़ी में ही हैं, जहां वे क्षेत्र छोड़ने का प्रयास करने से पहले सुरक्षा स्थिति में सुधार की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

एक सरकारी अधिकारी ने पीटीआई को बताया, फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले सात जहाजों पर लगभग 148 नाविक सवार हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए, वे फिलहाल इस क्षेत्र से बाहर आने की योजना नहीं बना रहे हैं। भारतीय ध्वज वाले सात जहाजों में से पांच इस क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों में लगे हुए हैं।

MT Al Bahyah पर हमला

सबसे ताजा घटना तब हुई जब ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में दक्षिणी जहाजरानी मार्ग से गुजरते समय एमटी अल बह्याय और एमटी मोम्बासा बी पर मिसाइलों से हमला किया गया। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, एमटी अल बह्याय पर सवार एक भारतीय चालक दल के सदस्य की इस हमले में मौत हो गई। हमले में कई अन्य चालक दल के सदस्य भी घायल हो गए।

एमटी अल बह्याय में 23 चालक दल के सदस्य थे, जिनमें 12 भारतीय, छह फिलिपिनो, तीन रूसी, एक मिस्रवासी और एक श्रीलंकाई शामिल थे। एमटी मोम्बासा बी में भी 23 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 17 भारतीय, तीन यूक्रेनी और तीन जॉर्जियाई शामिल थे। यह हमला साइप्रस के झंडे वाले मालवाहक जहाज जीएफएस गैलेक्सी पर ईरानी हमले के दो दिन बाद हुआ, जिसमें एक भारतीय नाविक लापता हो गया था। जहाज पर सवार अन्य चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया था।

IRGC ने टैंकरों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने टैंकरों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली है। आईआरजीसी ने कहा कि जहाजों ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया और फिर उन्हें निशाना बनाकर निष्क्रिय कर दिया गया। उसने वाशिंगटन पर जहाजों को अवैध मार्ग अपनाने के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया। पिछले महीने, अमेरिकी हमले में पलाऊ ध्वज वाले टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर हमला हुआ था, जिसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए थे।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार भारतीय ध्वज वाले जहाजों के साथ-साथ भारतीय चालक दल वाले विदेशी जहाजों से जुड़ी घटनाओं पर कड़ी नजर रख रही है। वह भारतीय नौसेना के साथ समन्वय कर रही है और शिपिंग कंपनियों और प्रभावित नाविकों के परिवारों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए है।

भारतीय जहाज उच्च जोखिम वाले जलक्षेत्र में बने हुए हैं। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि सात भारतीय ध्वज वाले जहाज फारस की खाड़ी में बने हुए हैं क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुई लड़ाई वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा बनी हुई है। नया सैन्य तनाव शुरू होने से पहले ही ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में तैनात थे। इस साल की शुरुआत में हुए संघर्ष के प्रारंभिक चरण की तरह, यह उम्मीद की जा रही है कि सुरक्षा स्थिति में सुधार होने तक वे खाड़ी में ही रहेंगे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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