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'हमें मुआवजा मिला पर सच नहीं...' अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी आज, इंसाफ की आस में जुटे मृतकों के परिजन

12 जून 2025 को Ahmedabad Plane Crash की पहली बरसी पर 260 से अधिक मृतकों के परिजन न्याय की मांग के साथ अहमदाबाद में जुटे हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के साथ बैठक के बाद परिजनों ने ब्लैक बॉक्स की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शाम 4:30 बजे कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है।

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आश्रम रोड पर जुटे 260 मृतकों के परिजन

Photo : Times Now Digital

Ahmedabad Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में पिछले साल यानी 12 जून 2025 को हुए देश के सबसे भीषण विमान हादसों में से एक की आज पहली बरसी मनाई जा रही है। इस दर्दनाक दुर्घटना में विमान में सवार 241 यात्रियों समेत कुल 260 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। हादसे को पूरा एक साल बीत जाने के बाद भी आज तक विमान के क्रैश होने के वास्तविक कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा न होने से पीड़ित परिवारों में गहरा असंतोष है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें वित्तीय मुआवजा तो मिल गया है, लेकिन उनके अपनों की जान कैसे गई, यह सच्चाई आज भी उनसे छिपाई जा रही है।

प्रार्थना सभा में जुटे पीड़ित परिवार

पहली बरसी के अवसर पर मृतकों के परिजन अहमदाबाद के आश्रम रोड स्थित एक होटल में एकत्र हुए। यहां दिवंगतों की स्मृति में प्रार्थना सभा आयोजित की गई।इस दौरान 'फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स' (Federation of Indian Pilots) के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवारों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई। इस बैठक में विमान हादसे की अब तक की तकनीकी जांच, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर यानी ब्लैक बॉक्स (Black Box) से मिले शुरुआती तथ्यों, अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रियाओं और पीड़ित परिवारों को अंतिम न्याय दिलाने के लिए आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मृतकों के परिजन शामिल हुए।

आज शाम निकलेगा कैंडल मार्च

आयोजकों के अनुसार, होटल में आयोजित कार्यक्रम के बाद शाम 4:30 बजे परिजन होटल से विमान दुर्घटना स्थल तक कैंडल मार्च निकालेंगे। इसके बाद सभी लोग हादसा स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर मृतकों को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। परिजनों की मांग है कि विमान हादसे की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए, दुर्घटना के वास्तविक कारण सार्वजनिक किए जाएं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हादसे के एक साल बाद भी पीड़ित परिवारों का यह हौसला यह साबित करता है कि वे केवल पैसों के मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं। वे अपने खोए हुए परिजनों के लिए पूर्ण न्याय और दुर्घटना के पीछे का सच जानना चाहते हैं।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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