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नैनीताल, भीमताल, सूखाताल, खुरपाताल या नौकुचियाताल- किस झील की गहराई है सबसे ज्यादा; एक की रहस्यमयी मान्यता कर देगी हैरान

Deepest Lake in Uttarakhand: खूबसूरत नैनीताल, विशाल भीमताल, सूखा हुआ सूखाताल, जानवर के खुर के आकार का खुरपाताल और 9 कोनों वाले नौकुचिया ताल के बारे में आपने सुना होगा पर क्या आप यह जानते हैं कि इनमें से सबसे गहरा ताल कौन सा है? एक ताल के बारे में तो अनोखी मान्यता भी है जिसे सुनकर, पढ़कर आप अचंभित रह जाएंगे।

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उत्तराखंड की सबसे गहरी झील

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Deepest Lake in Uttarakhand: देवभूमि उत्तराखंड अपनी ऊंची पर्वत चोटियों, हरे-भरे जंगलों और प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ खूबसूरत झीलों के लिए भी जाना जाता है। नैनीताल की प्रसिद्ध नैनी झील से लेकर विशाल भीमताल और नौ कोनों वाली नौकुचियाताल तक, यहां की झीलें लोगों को आकर्षित करती हैं। खुरपाताल अपने अनोखे आकार और शांत वातावरण के कारण अलग पहचान रखता है, जबकि सूखाताल का नाम ही इसके बदलते स्वरूप की कहानी बयां करता है। इन झीलों की खूबसूरती जितनी मनमोहक है, उतनी ही दिलचस्प इनसे जुड़ी भौगोलिक विशेषताएं और स्थानीय मान्यताएं भी हैं। कई झीलों की गहराई, बनावट और प्राकृतिक संरचना इन्हें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग बनाती है और इनके बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ाती है। तो आइए जानते हैं उत्तराखंड के इन मशहूर तालों में आखिर कौन सा सबसे गहरा है और किस झील से जुड़ी मान्यता आपको हैरान कर सकती है।

Naukuchiatal Lake Depth

उत्तराखंड की सबसे गहरी झील

यह ताल है सबसे गहरा

तो आइए आपको बिना देर किए बताए कि उत्तराखंड का सबसे गहरा ताल कौन सा है? इसका जवाब है नौकुचियाताल (Naukuchiatal)। नैनीताल से करीब 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नौकुचियाताल अपनी खूबसूरती के साथ-साथ रहस्यमयी मान्यताओं के लिए भी जाना जाता है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 1220 मीटर है। झील की लंबाई 983 मीटर, चौड़ाई 693 मीटर तथा गहराई 40.3 मीटर है। माना जाता है कि इस झील के नौ अलग-अलग कोने हैं। स्थानीय लोक कथाओं के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति झील के इन सभी नौ कोनों को एक साथ देख ले, तो उसकी किस्मत बदल सकती है और उसे राजसी सुख मिल सकता है। वहीं, एक अन्य मान्यता के मुताबिक, जो व्यक्ति एक साथ सभी नौ कोनों को देखने की कोशिश करता है, उसके साथ कोई अनहोनी हो सकती है या फिर उसे आध्यात्मिक रूप से निर्वाण की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि, इन बातों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और इन्हें स्थानीय किवदंतियों के तौर पर ही देखा जाता है। नौकुचियाताल को लेकर सबसे दिलचस्प बात यह कही जाती है कि आज तक कोई भी व्यक्ति हेलीकॉप्टर से भी झील के सभी नौ कोनों को एक साथ देखने में सफल नहीं हुआ है।

सिर्फ रहस्यमयी मान्यताओं तक सीमित नहीं नौकुचियाताल

नौकुचियाताल की पहचान सिर्फ इससे जुड़ी रहस्यमयी कहानियों तक सीमित नहीं है। चारों ओर फैले घने जंगल और ऊंचे पहाड़ नौकुचियाताल की खूबसूरती को और भी खास बना देते हैं। मौसम बदलने के साथ इस झील का रंग-रूप भी अलग नजर आता है। हरे-नीले रंग का शांत पानी और झील के ऊपर छाई हल्की धुंध यहां के नजारे को किसी खूबसूरत पेंटिंग जैसा बना देती है। यह जगह एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण रखती है। यहां आने वाले लोग बोटिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग और फिशिंग जैसी कई गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। झील के आसपास मौजूद रिजॉर्ट, होमस्टे और ठहरने की दूसरी सुविधाएं लोगों को प्रकृति के करीब रहते हुए आराम और रोमांच दोनों का अनुभव कराती हैं।

Naukuchiatal Nine Corners

नौकुचियाताल के हैं नौ कोने

अलग-अलग रंगों के कमल दिखते हैं इस ताल में

नौकुचियाताल के आसपास कई खूबसूरत जगहें भी हैं, जिनमें कमल ताल प्रमुख है। यहां मौसम के दौरान अलग-अलग रंगों के कमल खिलते हैं, जिससे पूरे ताल का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई देता है। लोगों के ठहरने के लिए नौकुचियाताल में बजट होटल से लेकर होमस्टे और लॉज तक कई विकल्प मिल जाते हैं। यही वजह है कि यह जगह अलग-अलग तरह के यात्रियों के लिए सुविधाजनक मानी जाती है। नैनीताल की अपेक्षाकृत अधिक भीड़ से दूर नौकुचियाताल में प्रकृति की शांति, रहस्यमयी लोककथाएं और रोमांचक गतिविधियां एक साथ देखने को मिलती हैं। अगर आप भीड़भाड़ से दूर कुछ दिन सुकून के साथ बिताना चाहते हैं और प्रकृति के साथ आध्यात्मिक अनुभव महसूस करना चाहते हैं, तो नौकुचियाताल एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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