Agra Metro: आगरा मेट्रो से सफर करने वाले लोगों के लिए नई व्यवस्था की जा रही है। अब नेशनल हाईवे-19 के मेट्रो स्टेशन में फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाया जाएगा। यह हाईवे के दोनों तरफ बनाया जाएगा। इतना ही नहीं यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों ओर एस्केलेटर लगाए जाएंगे और सीढ़ियां भी बनाई जाएंगी। फिलहाल, आइएसबीटी स्टेशन की पाइल का निर्माण शुरू हो गया है। वहीं, जल्द ही बिजली के पोल हटाए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से यूपीएमआरसी ने सीसीटीवी इंस्टाल करने शुरू कर दिए हैं। खंदारी चौराहा से सिकंदरा तिराहा तक 3 किलोमीटर लंबा एलीवेटेड ट्रैक बनाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, 9 मीटर की ऊंचाई पर बन रहे इस ट्रैक के निर्माण के लिए 313 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इससे निर्माण में करीब डेढ़ साल का वक्त लगेगा। इस पर 174 पिलर होंगे। इन पिलरों के बीच की दूरी 28 मीटर रखी गई है।

आगरा मेट्रो
25 हजार यात्री करते हैं सफर
यूपीएमआरसी के मुताबिक, पूर्व में तैयार डिजाइन में एफओबी शामिल नहीं था। अब इसे भी शामिल कर लिया गया है। इससे यात्रियों को आवागमन में सहूलियत होगी। अभी तक यहां सिर्फ सीढ़ियां ही थी, लेकिन अब एस्केलेटर बनाकर लोगों को सहूलियत दी जाएगी। उधर, गुरु का ताल कट पर एफओबी को जल्द ही हटाने का कार्य शुरू होगा। यह एफओबी नेशनल हाईवे प्राधिकरण मथुरा खंड ने तैयार किया है। हाईवे स्थित आइएसबीटी मोड़ के पास यह स्टेशन बनेगा। मेट्रो स्टेशन में भी एफओबी दिया जाएगा। यह एफओबी आइएसबीटी परिसर में उतरेगा। यहां भी एस्केलेटर होगा। एक रिंग मशीन से पाइल का निर्माण शुरू हो गया है। जल्दी ही पिलर बनने से यात्री मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सकेंगे। ISBT से रोजाना करीब 25 हजार यात्री सफर करते हैं। यहां से लखनऊ, प्रयागराज, नई दिल्ली, कानपुर, नोएडा, मेरठ हरिद्वार, देहरादून समेत अंतरराज्यीय बसों का संचालन होता है।
येलो लाइन पर गुरु का ताल स्टेशन सिनर्जी हॉस्पिटल और पत्थर मोड़ा स्मारक के बीच होगा। इस स्टेशन पर भी एफओबी और एस्केलेटर की व्यवस्था होगी। दोनों तरफ से प्रवेश और निकासी द्वार होंगे, जबकि सिंकदरा तिराहा स्टेशन मंडलीय एलआईसी कार्यालय के पाय बनाया जाएगा।इस स्टेशन पर भी एफओबी और एस्केलेटर की व्यवस्था होगी। मेट्रो स्टेशनों की दीवारों को पेंटिंग कर सुंदर बनाया जाने का प्लान है।
2 रूट पर 29 स्टेशन
आपको बता दें कि आगरा में येलो लाइन मेट्रो (Yellow Line Metro) और ब्लू लाइन मेट्रो है। येलो लाइन के 13 स्टेशन संचालित और ब्लू लाइन के 14 स्टेशन हैं। आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए 12,900 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें से येलो लाइन को निर्मित करने में 8379.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि ब्लू लाइन प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए 4520 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक, आगरा की दो लाइनें संचालित होने के बाद करीब 20 लाख लोगों को लाभ होगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर रहेगी। सड़कों पर भी कम ट्रैफिक रहने का अनुमान है। आगरा मेट्रो में सफर करने के लिए आपको न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम 20 रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि, ये कीमत घट-बढ़ भी सकती है।
