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Delhi Bike Accident: 'यह त्रासदी तो होनी ही थी...', जल बोर्ड के खोदे गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत पर फूटा सौरव भारद्वाज का गुस्सा

Delhi Bike Accident News: दिल्ली के जनकपुरी में 25 वर्षीय बाइक सवार युवक कमल की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई, जिससे प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं। आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने पीडब्ल्यूडी और जल बोर्ड पर सुरक्षा इंतजाम न करने का आरोप लगाया, जबकि दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मदद का आश्वासन दिया है।

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दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय युवक की मौत।(फोटो सोर्स: ANI/ टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Delhi Bike Accident News: दिल्ली के जनकपुरी में 25 वर्षीय बाइक सवार युवक की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। इस घटना मे एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा,"दिल्ली सरकार के सार्वजनिक परिवहन विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत आने वाली यह मुख्य सड़क डीजेबी द्वारा खुदवाई गई थी। स्थानीय आरडब्ल्यूए ने इस खतरे के बारे में अधिकारियों से कई बार शिकायत की थी, लेकिन किसने सुना? यह त्रासदी तो होनी ही थी। शिकायतों के बावजूद, जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए इस मौत के जाल को ठीक से बैरिकेड नहीं किया गया। जरा उस व्यक्ति के परिवार और छोटे बच्चों के बारे में सोचिए, जो पूरी रात उसका इंतज़ार करते रहे होंगे, उसके घर लौटने के लिए बेचैन रहे होंगे। और अब वे अपनी जान बचाने के लिए इंतजार करेंगे।"

उन्होंने आगे लिखा,"पिछले एक साल में सरकार की लापरवाही के कारण सैकड़ों लोग मारे गए हैं। कुछ उफनते नालों में डूबने से, कुछ दीवार गिरने से, एक बच्चा खुले सीवर के मैनहोल में गिरने से, कुछ बिजली के झटके से, कुछ यमुना में डूबने से, कुछ आग लगने की घटनाओं में मारे गए। हालांकि, यह बेशर्म भाजपा सरकार करदाताओं के पैसे को अपने पार्टी फंड के रूप में इस्तेमाल कर रही है। वे सैकड़ों अन्य आम लोगों की मौत को नजरअंदाज करते हुए अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवारों को खुलेआम मुआवज़ा और नौकरियां दे रहे हैं।"

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी: आशीष सूद

वहीं, इस घटना को लेकर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने भी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमने चीफ इंजीनियर को इस घटना को लेकर निर्देश दिया है। मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को इस घटना की जानकारी दे रहा हूं। सरकार पीड़ित परिवार का हर संभव मदद करेगी।

पीडब्ल्यूडी और जल बोर्ड का चल रहा काम

बता दें कि कमल नामक युवक रोहिणी में एक निजी बैंक के एक कॉल सेंटर में काम करता था। अपने कार्यालय से देर शाम वो अपने घर के लिए निकला था तभी वो जनकपुरी के अंदर आसपास बने गड्ढे में गिर गया। बता दें कि पिछले कई महीने से पीडब्ल्यूडी और जल बोर्ड का कार्य चल रहा है।

जांच में सामने आया कि यह गड्ढा जल बोर्ड से जुड़े काम के दौरान खोदा गया था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार गड्ढे के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। न बैरिकेडिंग थी। न चेतावनी बोर्ड लगी थी। इसी कारण युवक को गड्ढा नजर नहीं आया और वह उसमें गिर गया।

नोएडा में युवराज की हुई थी मौत

इससे पहले 16 जनवरी की रात नोएडा के सेक्टर-150 में बेसमेंट के लिए बनाए जा रहे एक गड्ढे में युवराज की कार गिर गई। घना कोहरा होने के कारण कार चला रहे युवक को रास्ता नहीं दिखा। करीब 2 घंटों तक वह अंदर से मदद के लिए पुकारता रहा, लेकिन कोई भी उसे बचा नहीं पाया।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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