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Wayanad News : जंगल में इंसान को देख बौखलाया हाथी, बुजुर्ग को उठाकर पटका; मौत

केरल के वायनाड में हाथी ने 65 साल के एक व्यक्ति को पटक कर मार डाला। यह हमला उस समय हुआ जब वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय निवासी हाथी के आबादी वाले क्षेत्र में घुस आने के बाद उसे वहां से खदेड़ने का प्रयास कर रहे थे।

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हाथी (फोटो-Istock)

केरल के वायनाड ज़िले में बुधवार को जंगली हाथी के हमले में 65 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह राज्य में हाल के दिनों में सामने आए मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की श्रृंखला में नया मामला है। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित की पहचान कट्टिकुलम के पुलिमूडकुन्नु मिचाभूमि क्षेत्र निवासी राजू के रूप में हुई है। सुबह करीब 10 बजे हाथी के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

क्यों बौखलाया जंगली हाथी

यह हमला उस समय हुआ जब वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय निवासी हाथी के आबादी वाले क्षेत्र में घुस आने के बाद उसे वहां से खदेड़ने का प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि राजू गंभीर रूप से घायल हो गए जिसके बाद उन्हें तुरंत मानंथवाडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।चिकित्सकों ने उनकी हालत बिगड़ने पर बेहतर और विशेष उपचार के लिए उन्हें कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर करने का फैसला किया। हालांकि, स्थानांतरित किए जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

मानव- वन्यजीव संघर्ष की समस्या उजागर

इस घटना ने एक बार फिर केरल के वन क्षेत्रों से सटे इलाकों में बढ़ते मानव- वन्यजीव संघर्ष की समस्या को उजागर कर दिया है, जहां लोगों और जंगली जानवरों के बीच आमना-सामना होने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

हाथी के हमले में एक महिला की हुई थी मौत

इससे ठीक एक दिन पहले, पहाड़ी जिला इडुक्की के चिन्नाकनाल क्षेत्र में हाथी के हमले में एक महिला की मौत हो गई थी। यह इलाका मानव बस्तियों में हाथियों के बार-बार घुस आने की घटनाओं के लिए जाना जाता है। ऐसे ही मामले वन-सीमा से लगे अन्य जिलों से भी सामने आए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और वन्यजीव-मानव संघर्ष को रोकने के लिए मजबूत उपायों की मांग तेज हो गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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