IIT Bombay: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे परिसर के हॉस्टल कमरों में सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। संस्थान सूत्रों के अनुसार, हॉस्टल कमरों से सीलिंग फैन (छत के पंखे) हटाकर उनकी जगह दीवार पर लगने वाले वॉल-माउंटेड फैन (Wall-mounted Fans) लगाए जा रहे हैं। नए पंखों की पहली खेप कैंपस पहुंच चुकी है और आईआईटी पवई कैंपस के कई हॉस्टल्स में इन्हें लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
हालांकि, इस निर्णय के क्रियान्वयन की टाइमिंग को लेकर कैंपस में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि हाल ही में 18 सितंबर को बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
'फैसला पहले से प्रस्तावित, आत्महत्या से कनेक्शन नहीं': IIT बॉम्बे प्रशासन
छात्र की मौत के तुरंत बाद सीलिंग फैन बदलने की प्रक्रिया शुरू होने पर उठ रहे सवालों के बीच IIT बॉम्बे प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन के मुताबिक, हॉस्टल के कमरों में पंखे बदलने का फैसला हालिया दुखद घटना के बाद नहीं लिया गया है, बल्कि यह हॉस्टल के पहले से तय नवीनीकरण कार्य का हिस्सा है।
संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि सीलिंग फैन को बदलने का प्रस्ताव पिछले करीब दो महीनों से विचाराधीन था, जिसे हाल ही में अंतिम रूप दिया गया था।
तीन दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद निदेशक ने हस्ताक्षरित किया मांग पत्र
छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर छात्रों ने तीन दिनों तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था।
रविवार रात IIT बॉम्बे के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बैठक की और उनकी 18 मांगों वाले चार्टर पर हस्ताक्षर किए। इस चार्टर में मुख्य रूप से:
-छात्र सुरक्षा के कड़े इंतजाम
-मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) सहायता प्रणाली को मजबूत करना
-पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराना शामिल है।
टाइमिंग को लेकर क्यों हो रही चर्चा?
देश के कई शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों द्वारा आत्महत्या के जोखिम को कम करने के लिए हॉस्टल कमरों में सीलिंग फैन हटाने या एंटी-सूसाइड स्प्रिंग वाले पंखे लगाने जैसे बदलाव किए जाते रहे हैं। यही वजह है कि IIT बॉम्बे में पंखे बदलने की टाइमिंग को लेकर चर्चा गर्म है, हालांकि प्रशासन इसे पूरी तरह से पूर्व-नियोजित रेनोवेशन प्रोजेक्ट बता रहा है।
