Yes Bank Lock in Period: यस बैंक के शेयर में सोमवार के शुरुआती कारोबार में 13% की गिरावट आई। इसके पीछे की वजह शेयर के तीन साल के लॉक-इन पीरियड का आज समाप्त होना है। यस बैंक का शेयर आज 12.83% गिरकर 14.40 रुपये के निचले स्तर तक पहुंचा गया। दरअसल जिन निवेशकों के शेयर 13 मार्च, 2020 से तीन साल के लिए लॉक-इन थे, वे आज से उन शेयरों को बेचने के लिए स्वतंत्र हैं। इनमें प्राइवेट बैंक और निवेशक शामिल हैं।
शेयरों को 10 रुपये प्रति शेयर पर खरीदा गया
ICICI बैंक, HDFC बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, फेडरल बैंक का तीन साल का लॉक-इन आज खत्म हो गया है। अब, तीन साल के लॉक-इन के बाद, ये बैंकों अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इन बैंकों ने यस बैंक के शेयरों को लगभग 10 रुपये प्रति शेयर पर खरीदा था। आरबीआई के राहत पैकेज के बाद SBI ने मार्च 2020 में बैंक के लगभग 49% शेयरों को 10 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 8 रुपये के प्रीमियम पर खरीदा था।
किसकी कितनी हिस्सेदारी
एसबीआई के पास दिसंबर, 2022 तक यस बैंक के 26.14% लगभग605 करोड़ शेयर (6,050 मिलयन) थे। वहीं HDFC & HDFC बैंक और ICICI बैंक के पास एक-एक मिलियन के शेयर थे। साथ ही कोटक महिंद्रा बैंक के पास 50 करोड़ (500 मिलियन), एक्सिस बैंक के पास 60 करोड़, फेडरल बैंक , बंधन बैंक के पास 30 करोड़ और IDFC फर्स्ट बैंक के पास 25 करोड़ शेयर थे। हालांकि, इनमें से ज्यादातर जो ‘लॉक-इन पीरियड’ में नहीं थे वे यस बैंक में अपने शेयरों का 25% पहले ही बेच चुके हैं।
लॉक-इन पीरियड समाप्त होने के मायने
लॉक-इन पीरियड समाप्त होने का मतलब यस बैंक के शेयरों में अस्थिरता की अशंका ज्यादा है। यस बैंक के करोड़ों शेयर अब इन निजी बैंक अपनी सुविधा अनुसार बेच सकते हैं। अगर हम उनके साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की हिस्सेदारी जोड़ते हैं, तो बिकवाली वाले शेयरों की संख्या बहुत अधिक है और इसलिए आज यस बैंक के शेयर की कीमत में बड़ा उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।
पिछले 1 साल में 30% रिटर्न
पिछले शुक्रवार को यस बैंक के शेयर 0.3% की गिरावट के साथ 16.50 रुपये पर बंद हुए थे। यस बैंक ने अपने निवेशकों को पिछले एक साल में 30% रिटर्न दिया है। पिछले साल 12 मार्च को इसके एक शेयर की कीमत 12.70 रुपये प्रति शेयर थी, जो बढ़कर 16.55 रुपये पर पहुंच गई है। जिससे निवेशकों को 30% से ज्यादा का फायदा हो चुका है।
