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हाउसवाइफ हर महीने कितनी रकम से शुरू कर सकती हैं म्यूचुअल फंड या आरडी?

घर की छोटी-छोटी बचतों को बड़ी पूंजी में बदलने के लिए होममेकर्स मात्र ₹100 प्रति माह से बैंक या पोस्ट ऑफिस में आरडी (RD) और ₹100 से ₹500 की मासिक SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत कर सकती हैं।

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Money Management

भारतीय परिवारों में होममेकर्स यानी गृहणियों को घर का 'फाइनेंस मिनिस्टर' कहा जाता है। वे रसोई के बजट से लेकर बच्चों की जरूरतों तक, हर जगह से थोड़े-बहुत पैसे बचाने में माहिर होती हैं। अक्सर महिलाएं इन पैसों को घर की अलमारी, डिब्बों या बैंक के सेविंग्स अकाउंट में जमा करके रख देती हैं। लेकिन आज के समय में सिर्फ पैसे बचाना काफी नहीं है, क्योंकि बढ़ती महंगाई के कारण रखे-रखे पैसे की कीमत कम होने लगती है। अपनी इस छोटी सी बचत को बड़ी पूंजी में बदलने के लिए होममेकर्स को निवेश (Investment) की शुरुआत करनी चाहिए। कई महिलाओं को लगता है कि निवेश करने के लिए बहुत बड़ी रकम या गहरी वित्तीय समझ की जरूरत होती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। आप हर महीने बेहद मामूली रकम से भी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund SIP) या रिकरिंग डिपॉजिट (RD) शुरू कर सकती हैं।

कैसे शुरू कर सकती हैं RD?

सबसे पहले बात करते हैं आरडी यानी रिकरिंग डिपॉजिट (Recurring Deposit) की। अगर आप निवेश में बिल्कुल भी रिस्क या जोखिम नहीं लेना चाहती हैं और एक तय रिटर्न चाहती हैं, तो आरडी आपके लिए सबसे सुरक्षित और आसान विकल्प है। देश के लगभग सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों में आप मात्र ₹100 महीना से आरडी की शुरुआत कर सकती हैं। वहीं, अगर आप पोस्ट ऑफिस (Post Office) में आरडी खुलवाती हैं, तो वहां भी न्यूनतम ₹100 प्रति माह से निवेश शुरू किया जा सकता है। आरडी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें आपको पहले दिन से ही पता होता है कि मैच्योरिटी (समय पूरा होने) पर कितने पैसे मिलेंगे। यह उन गृहणियों के लिए बेस्ट है जो हर महीने एक निश्चित छोटी रकम को पूरी सुरक्षा के साथ जमा करना चाहती हैं।

SIP है बेस्ट

अगर आप थोड़े बेहतर रिटर्न की उम्मीद रखती हैं और महंगाई को मात देना चाहती हैं, तो म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP - Systematic Investment Plan) सबसे बेहतरीन जरिया है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि म्यूचुअल फंड सिर्फ अमीर लोगों के लिए है, लेकिन सच यह है कि आप मात्र ₹100 या ₹500 प्रति माह की एसआईपी से म्यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत कर सकती हैं। आज के समय में कई बड़े और भरोसेमंद म्यूचुअल फंड हाउसेज (AMCs) ₹100 की मासिक एसआईपी की अनुमति देते हैं। एसआईपी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें 'कंपाउंडिंग' (ब्याज पर ब्याज) की ताकत मिलती है। यदि आप हर महीने ₹500 की भी बचत करके उसे किसी अच्छे म्यूचुअल फंड में डालती हैं, तो लॉन्ग टर्म (5 से 10 साल) में यह छोटी सी रकम एक बड़ा फंड बन सकती है, जो बच्चों की पढ़ाई या भविष्य में आपके बहुत काम आएगी।

कैसे शुरू करें निवेश?

होममेकर्स को निवेश की शुरुआत करते समय कुछ बुनियादी बातों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। निवेश शुरू करने से पहले अपनी कुल मासिक बचत का आकलन करें। यह जरूरी नहीं है कि आप पहले ही महीने से बड़ी रकम लगाएं; शुरुआत हमेशा छोटी राशि से करें, जिसे आप बिना किसी तनाव के हर महीने दे सकें। इसके बाद, अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं को तय करें। यदि आपको लगता है कि अगले 1 से 2 साल में ही पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो आरडी या लिक्विड म्यूचुअल फंड्स का चुनाव करें। लेकिन अगर आप 5 साल या उससे अधिक समय के लिए निवेश कर रही हैं, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड (जैसे लार्ज-कैप या इंडेक्स फंड) एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।

निवेश की दुनिया में कदम रखते ही बहुत ज्यादा रिस्क लेने से बचना चाहिए। शुरुआती दौर में होममेकर्स को सेक्टोरल या स्मॉल-कैप फंड्स जैसे हाई-रिस्क म्यूचुअल फंड्स से दूर रहना चाहिए, क्योंकि इनमें उतार-चढ़ाव बहुत ज्यादा होता है। इसके बजाय, डाइवर्सिफाइड फंड्स या हाइब्रिड फंड्स से शुरुआत करें जहाँ आपका पैसा सुरक्षित रहता है। आजकल मोबाइल ऐप्स (जैसे Groww, Zerodha, या Paytm Money) के जरिए म्यूचुअल फंड या नेट बैंकिंग के जरिए आरडी शुरू करना बेहद आसान हो गया है। आप अपने स्मार्टफोन से घर बैठे ही अपनी पहली एसआईपी या आरडी एक्टिवेट कर सकती हैं, और इसके लिए आपको किसी एजेंट को कमीशन देने की भी जरूरत नहीं होती।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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