सड़क पर गाड़ी चलाते समय वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) होना कानूनी जरूरत ही नहीं, बल्कि कार इंश्योरेंस (Car Insurance) के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। दरअसल, सड़क दुर्घटना से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत (Supreme Court) ने स्पष्ट किया है कि अगर दुर्घटना के समय गाड़ी चला रहे व्यक्ति के पास वैध (Valid) ड्राइविंग लाइसेंस नहीं हो तो बीमा कंपनी अंतिम रूप से मुआवजे की जिम्मेदार नहीं होगी। हालांकि, दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा मिलने में देरी नहीं होगी। बीमा कंपनी पहले पीड़ित या उसके परिवार को मुआवजा देगी और बाद में पूरी राशि वाहन मालिक और चालक से वसूल सकती है।
क्या है 'Pay and Recover' सिद्धांत?
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 'Pay and Recover' सिद्धांत को लागू करने की बात कही है। इसका मतलब यह है कि अगर दुर्घटना होती है और चालक के पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, तब भी बीमा कंपनी पहले पीड़ित को तय मुआवजा देगी। इसके बाद बीमा कंपनी को यह अधिकार होगा कि वह भुगतान की गई पूरी रकम वाहन मालिक और उस चालक से वसूल करे, जिसने बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन किया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजे के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
बीमा कंपनी की अंतिम जिम्मेदारी नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति में बीमा कंपनी पर अंतिम वित्तीय जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती। अदालत ने यह भी कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि व्यक्ति सार्वजनिक सड़कों पर वाहन चलाने के लिए कानूनी रूप से योग्य है।
अगर किसी एक्सपायर या अमान्य लाइसेंस वाले चालक से दुर्घटना होती है, तो मुआवजे की राशि करोड़ों रुपये तक हो सकती है और अंततः इसका वित्तीय बोझ वाहन मालिक और चालक पर आ सकता है।
लाइसेंस समय पर रिन्यू करवाना जरूरी
अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को सुझाव दिया है कि वे ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूअल (Renewal) को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान चलाएं। सोशल मीडिया, जनजागरूकता कार्यक्रम और अन्य माध्यमों से लोगों को समय पर लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही अदालत ने लाइसेंस जारी करने और रिन्यूअल की प्रक्रिया को और आसान बनाने, क्षेत्रीय भाषाओं में सुविधाएं बढ़ाने तथा ड्राइविंग स्कूलों के बेहतर नियमन पर भी जोर दिया है।
वाहन मालिकों को क्या करना चाहिए?
वाहन मालिक सुनिश्चित करें कि उनका और उनके वाहन को चलाने वाले सभी लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस वैलिड हो। लाइसेंस की समाप्ति तिथि पर नजर रखें और समय रहते उसे रिन्यू करवा लें। केवल यह सोचकर निश्चिंत न हों कि गाड़ी का बीमा है, इसलिए हर स्थिति में बीमा कंपनी नुकसान की भरपाई कर देगी।
