जब कोई व्यक्ति लोन या क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया चुकाने की स्थिति में नहीं होता और बैंक से कम रकम में खाता बंद करने का समझौता करता है, तो क्रेडिट रिपोर्ट में उस खाते को ‘Settled’ दिखाया जा सकता है। आसान भाषा में समझें तो बैंक ने ग्राहक से पूरी बकाया रकम लेने के बजाय तय रकम लेकर खाते का निपटारा कर दिया। यानी कर्ज का हिसाब समझौते के आधार पर खत्म हुआ, न कि पूरी रकम चुकाकर। क्रेडिट रिपोर्ट में ‘Settled’ एक अलग खाते की स्थिति के रूप में दर्ज की जाती है।
‘Settled’ और ‘Closed’ में क्या अंतर है?
इन दोनों शब्दों को एक जैसा समझना सही नहीं है। अगर आपने लोन या क्रेडिट कार्ड की पूरी बकाया रकम चुका दी और बैंक ने खाता बंद कर दिया, तो रिपोर्ट में खाता ‘Closed’ दिख सकता है। वहीं, अगर बैंक से बातचीत के बाद पूरी बकाया रकम से कम पैसे देकर समझौता किया गया है, तो खाता ‘Settled’ दिख सकता है। इसलिए क्रेडिट रिपोर्ट में ‘Settled’ लिखा होना यह बताता है कि खाते का निपटारा समझौते के जरिए हुआ था।
CIBIL Score पर क्या पड़ता है असर?
लोन या क्रेडिट कार्ड खाते का ‘Settled’ होना आपके क्रेडिट रिकॉर्ड के लिए अच्छी स्थिति नहीं मानी जाती। बैंक और दूसरी वित्तीय कंपनियां लोन देने से पहले क्रेडिट रिपोर्ट और पुराने भुगतान का रिकॉर्ड देखती हैं। अगर रिपोर्ट में किसी खाते पर समझौते के जरिए निपटारे की जानकारी है, तो नया कर्ज लेते समय परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में बैंक लोन देने से मना कर सकते हैं या ज्यादा ब्याज दर पर लोन देने की पेशकश कर सकते हैं।
क्या ‘Settled’ लिखने से कर्ज पूरी तरह खत्म हो जाता है?
अगर बैंक के साथ समझौते के बाद तय रकम चुका दी गई है, तो उस समझौते के अनुसार खाते का निपटारा हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि क्रेडिट रिपोर्ट पर पुराने भुगतान का असर भी तुरंत खत्म हो जाएगा। खाते की स्थिति और भुगतान से जुड़ी जानकारी क्रेडिट रिकॉर्ड में दिखाई दे सकती है। इसलिए लोन लेने वालों को समझौता करने से पहले बैंक से सभी शर्तें लिखित रूप में समझ लेनी चाहिए।
लोन सेटल करना आखिरी विकल्प क्यों माना जाता है?
अगर आप आर्थिक परेशानी में हैं और लोन की किस्त भरना मुश्किल हो रहा है, तो सीधे सेटलमेंट का रास्ता अपनाने से पहले बैंक से बात करना बेहतर हो सकता है। कुछ मामलों में बैंक किस्त का समय बढ़ाने या भुगतान की दूसरी व्यवस्था करने जैसे विकल्प दे सकता है। विशेषज्ञ भी लोन सेटलमेंट को आखिरी विकल्प मानने की सलाह देते हैं, क्योंकि ‘Settled’ रिकॉर्ड भविष्य में कर्ज लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
अगर क्रेडिट रिपोर्ट में गलती से ‘Settled’ लिखा है तो क्या करें?
अगर आपने पूरा कर्ज चुका दिया है, लेकिन क्रेडिट रिपोर्ट में खाते की स्थिति गलत तरीके से ‘Settled’ दिखाई दे रही है, तो सबसे पहले संबंधित बैंक या वित्तीय कंपनी से संपर्क करें। भुगतान से जुड़े दस्तावेज और बैंक की रसीद संभालकर रखें। बैंक से रिकॉर्ड ठीक कराने का अनुरोध किया जा सकता है। इसके बाद क्रेडिट रिपोर्ट में बदलाव की जांच करें। सही क्रेडिट जानकारी होना जरूरी है, क्योंकि बैंक और वित्तीय संस्थान कर्ज देने के फैसले में इसका इस्तेमाल करते हैं।
इसलिए अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में ‘Settled’ लिखा दिखाई देता है, तो इसका मतलब समझना जरूरी है। भविष्य में नया लोन या क्रेडिट कार्ड लेने की योजना है, तो समय पर भुगतान करना और बिना जरूरत कर्ज का समझौता करने से बचना बेहतर हो सकता है।
