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क्या पेट्रोल में मिला 20% एथनॉल बिगाड़ देगा आपकी कार का इंजन? इस ऑटो कंपनी ने बताई सच्चाई

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर कई वाहन मालिकों ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर गाड़ियों को हो रहे नुकसान के बारे में लिखा है।

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Petrol Pump (Istock)

पेट्रोल में 20% एथनॉल मिलाने की चर्चा इन दिनों जोरों पर है। अफवाह फैलाई जा रही है कि एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से इंजन को नुकसान पहुंचता है। हालांकि, यह सच्चाई नहीं हे। अब कार बनाने वाली कंपनी रेनो इंडिया ने सच्चाई बताई है। रेनो इंडिया ने बुधवार को कहा कि ई-10 मानक वाले वाहनों में 20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) का उपयोग करने वाली उसकी कारों में कोई गंभीर चुनौती नहीं देखी गई है। कंपनी ने ई-10 मानकों के अनुसार परीक्षण और प्रमाणित वाहनों में ई-20 ईंधन के उपयोग के संबंध में ग्राहकों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) द्वारा संयुक्त रूप से एक परीक्षण किया गया था, जिसमें विभिन्न ईंधन संयोजनों को शामिल किया गया था। इसमें ई-10 मानकों के अनुसार प्रमाणित वाहनों में ई-20 ईंधन का उपयोग भी शामिल था।

इंजन को नहीं होता नुकसान

इस अध्ययन के आधार पर तैयार रिपोर्ट के मसौदे में यह निष्कर्ष निकाला गया कि ई-10 मानक वाले वाहनों में ई-20 ईंधन के उपयोग से कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। इस रिपोर्ट को सभी मूल उपकरण विनिर्माता कंपनियों के साथ साझा किया गया था। इसमें यह माना गया कि वर्तमान में सड़क पर चल रहे वाहन ई-20 मानकों के अनुरूप हैं। कंपनी ने कहा कि इन निष्कर्षों के आधार पर, ई-10 मानक वाले और परीक्षण किए गए वाहनों में ई-20 ईंधन का उपयोग करके सड़कों पर चलने वाली रेनो कार में कोई गंभीर चुनौती नहीं देखी गई है।

सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर कई वाहन मालिकों ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर गाड़ियों को हो रहे नुकसान के बारे में लिखा है। बड़ी संख्या में आये ऐसे पोस्ट में कुछ लोगों ने कहा है कि इसके इस्तेमाल से वाहन के माइलेज में करीब सात प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि कुछ लोगों ने इससे ई-10 वाहनों में रबड़, धातु कलपुर्जों के जल्द खराब होने की आशंका जताई है। इस चर्चा के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ई-20 ईंधन के कारण ईंधन दक्षता में ‘भारी’ कमी आने की आलोचना गलत है। वाहन उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों में 20 प्रतिशत एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से, कारों के प्रकार के आधार पर, ईंधन दक्षता में दो से पांच प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। उनका यह भी कहना है कि जो पुराने वाहन ई-20 मानक के अनुरूप नहीं हैं, उनमें दीर्घकाल में गैसकेट और रबड़ ईंधन पाइप को नुकसान हो सकता है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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