एक सरकारी नौकरी की आस में करीब एक दशक से संघर्ष कर रहे 40 वर्षीय राहुल क्रांति के लिए सफलता बार-बार पास आकर भी दूर छिटकती रही। आज वही राहुल क्रांति रांची के सदर अस्पताल में जिंदगी और सेहत से जंग लड़ रहे हैं। 6 दिनों से बिना अन्न का एक दाना खाए भूख हड़ताल पर बैठे राहुल की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन उनका संकल्प अब भी डिगा नहीं है।
पलामू जिले के रहने वाले राहुल क्रांति झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली व भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे 6 अभ्यर्थियों में से एक हैं, जिनसे पीटीआई ने बातचीत की।
अस्पताल के बेड से भी लड़ाई जारी, डॉक्टर बोले- 'हालत कमजोर'
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में मंगलवार रात से अनशन पर बैठे राहुल की तबीयत चौथे दिन तेजी से बिगड़ने लगी। तेज बुखार और सिरदर्द के कारण उन्हें एम्बुलेंस से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया। सदर अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर डॉ. नैनसी प्रिया ने बताया कि राहुल क्रांति बहुत ज्यादा कमजोरी और गले में खराश की शिकायत कर रहे हैं। उन्हें वायरल फीवर है और उन्होंने अभी तक कुछ भी खाया नहीं है। हमारी सलाह पर वह सिर्फ पानी पी रहे हैं। हम लगातार उनके ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल की निगरानी कर रहे हैं। उन्हें तुरंत भोजन लेने की जरूरत है, जिसके लिए हम उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल उन्हें मल्टी-विटामिन ड्रिप दी जा रही है।
डॉक्टरों की सलाह के बावजूद राहुल का साफ कहना है, डॉक्टर कह रहे हैं कि खाना खाए बिना मेरी तबीयत में सुधार नहीं होगा, लेकिन मैं अपना अनशन खत्म नहीं करूंगा। सरकार हमारी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।
'2016 से पास कर रहा हूं परीक्षाएं, लेकिन भ्रष्टाचार ने रोकी नौकरी'
राहुल क्रांति का दर्द झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं की दास्तान बयां करता है। उन्होंने बताया कि 2016 ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर परीक्षा उन्होंने पास की, लेकिन फाइनल मेरिट लिस्ट में नाम शामिल नहीं किया गया। इसके अलावा 2023 सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद नियुक्ति पत्र के इंतजार में भटक रहे हैं। हाईकोर्ट से उम्र सीमा में छूट पाने के बाद उन्होंने इस साल 14वीं JPSC परीक्षा दी, लेकिन पेपर लीक और धांधली के आरोपों ने उनकी आखिरी उम्मीद भी तोड़ दी।
'2019 के बाद की सभी परीक्षाएं रद्द हों, CBI और ED करें जांच'
शुक्रवार रात 'JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच' और राज्य सरकार की टीम के बीच हुई वार्ता को राहुल ने बेनतीजा और टालमटोल वाला करार दिया। राहुल ने कहा कि सरकार की मंशा मामलों को सुलझाने की नहीं है। वे कह रहे हैं कि CID रिपोर्ट आने के बाद ही 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर विचार होगा। हमारी स्पष्ट मांग है कि 2019 के बाद से JPSC और JSSC द्वारा आयोजित सभी राज्य स्तरीय परीक्षाओं को रद्द किया जाए और पूरे घोटाले की CBI और ED से निष्पक्ष जांच कराई जाए। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, मैं अस्पताल में रहूं या धरना स्थल पर, मेरी भूख हड़ताल जारी रहेगी। झारखंड के युवाओं का भविष्य बिकने नहीं दिया जाएगा।
रविवार को छठे दौर की वार्ता, गतिरोध बरकरार
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न को लेकर गतिरोध लगातार बना हुआ है। सरकार ने शुक्रवार और शनिवार के दौरान JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच, एनएसयूआई (NSUI), झारखंड छात्र मोर्चा (JCM) और आदिवासी छात्र संघ (ACS) जैसे विभिन्न छात्र समूहों के साथ 5 दौर की बैठकें कीं। वार्ता बेनतीजा रहने के कारण राज्य सरकार ने रविवार छात्र प्रतिनिधियों के साथ छठे दौर की बातचीत बुलाई गई। छात्र लिखित आश्वासन तक अपना आंदोलन समाप्त करने पर अड़े हुए हैं।
