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इस राज्य के कर्मचारियों को 11 साल बाद मिली खुशखबरी, अब केंद्र के बराबर मिलेगा वेतन, 5% होगा सालाना इंक्रीमेंट!

7th Pay Commission: पश्चिम बंगाल के सातवें वेतन आयोग में 11 साल बाद केंद्रीय कर्मचारियों के समान वेतन, 5% तक सालाना वेतन वृद्धि, CPI आधार पर DA और 1 जनवरी 2026 से नए नियम लागू करने का प्रस्ताव है।

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पश्चिम बंगाल में केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर वेतन और भत्ते देने की तैयारी

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7th Pay Commission : पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। राज्य में हाल ही में गठित सातवें वेतन आयोग के नियमों और शर्तों (Terms of Reference) में कुछ बेहद महत्वपूर्ण और बड़े बदलाव शामिल किए गए हैं। करीब 11 साल के लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाने पर विचार कर रही है। इस नए कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य और केंद्र के कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे वेतन अंतर और उससे जुड़े कानूनी विवादों को पूरी तरह से समाप्त करना है।

वेतन में समानता और 5% तक सालाना वृद्धि का प्रस्ताव

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक 7वें वेतन आयोग के कार्य-दायरे में सबसे प्रमुख मुद्दा केंद्रीय वेतन आयोग के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के साथ वेतन समानता लाना है। आयोग (West Bengal 7th Pay Commission) राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों में व्यापक सुधार की योजना बना रहा है। इसके अलावा, एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) को लेकर है। वर्तमान में मिलने वाली 3 प्रतिशत की वार्षिक वेतन वृद्धि को बढ़ाकर कम से कम 5 प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है। सरकार के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, इन नए प्रस्तावों का मकसद मौजूदा वेतन व्यवस्था की कमियों और विसंगतियों को दूर करना है ताकि कर्मचारियों को बेहतर करियर प्रगति मिल सके।

महंगाई भत्ता (DA) और पेंशन नियमों में सुधार

कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने की तैयारी है। प्रस्तावित शर्तों के तहत औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर महंगाई भत्ता तय करने का सुझाव दिया गया है। इसे समय पर लागू करने के लिए एक स्थायी आदेश की सिफारिश भी शामिल की गई है। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 11 साल बाद रूपांतरित पेंशन की बहाली का रास्ता साफ किया जा रहा है। आयोग मौजूदा पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की गहराई से समीक्षा करेगा ताकि उन्हें आज की महंगाई और आर्थिक स्थितियों के अनुकूल बनाया जा सके।

1 जनवरी 2026 से वास्तविक रूप से लागू करने की योजना

यह नया वेतन आयोग केवल कागजी बदलावों तक सीमित नहीं रहेगा। आयोग से विशेष रूप से कहा गया है कि वह संशोधित वेतन ढांचे को 1 जनवरी, 2026 से केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक और वास्तविक रूप से लागू करने पर विचार करे। राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से पूरे देश में एक समान वेतन स्तर हासिल होगा और कर्मचारियों का जीवनस्तर सुधरेगा। अगर ये सिफारिशें पूरी तरह लागू हो जाती हैं, तो राज्य के लाखों कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य देखभाल और वित्तीय सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा फायदा मिलेगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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