Himachal Pradesh Fisheries Scheme: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने और मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण सब्सिडी योजना की घोषणा की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मछुआरों को आधुनिक उपकरण, नई नौकाएं और गुणवत्तापूर्ण जाल खरीदने में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल प्रदेश में मछली पालन और मछली पकड़ने के व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ तरीकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
नौका की खरीद पर 70 प्रतिशत की भारी सब्सिडी
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक नई नौका सब्सिडी योजना के तहत राज्य के पात्र मछुआरों को नई नौका खरीदने पर 70 प्रतिशत तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, एक मानक नौका की अनुमानित कीमत करीब 50,000 रुपये तय की गई है। इस योजना के लागू होने से 50,000 रुपये की नौका पर राज्य सरकार 35,000 रुपये (70 प्रतिशत लागत) का योगदान खुद देगी, जबकि लाभार्थी मछुआरे को केवल 15,000 रुपये (30 प्रतिशत राशि) का ही भुगतान करना होगा। इससे कम आय वाले मछुआरों के लिए नई और सुरक्षित नौकाएं खरीदना बेहद आसान हो जाएगा।
मछली पकड़ने के उपकरणों और जाल पर 90 प्रतिशत सब्सिडी
नावों के अलावा राज्य सरकार ने मछली पकड़ने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी उपकरणों के लिए भी बड़ी राहत दी है। योजना के तहत कास्ट नेट (हाथ से फेंके जाने वाले जाल) और गिल नेट जैसे जरूरी उपकरणों की खरीद पर 90 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दी जाएगी। यानी मछुआरों को जाल खरीदने के लिए कुल लागत का सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्सा ही जेब से देना होगा। सरकार के इस कदम से मछुआरे कम लागत में आधुनिक और बेहतर जाल खरीद सकेंगे, जिससे उनकी मेहनत रंग लाएगी और व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी।
सुरक्षा, कार्यकुशलता और आय में होगा सुधार
सरकार की इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य राज्य के प्रमुख जलाशयों में पारंपरिक रूप से काम कर रही पुरानी नौकाओं का आधुनिकीकरण करना है। यह योजना मुख्य रूप से गोबिंद सागर, पोंग बांध, चमेरा, रंजीत सागर और कोल बांध जैसे विशाल जलाशयों में काम करने वाले मछुआरों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। आधुनिक और मजबूत नौकाएं मिलने से गहरे पानी में मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, उनकी काम करने की क्षमता बढ़ेगी और अंततः उनकी दैनिक आय में भी उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिलेगा।
योजना का लाभ उठाने के लिए आवश्यक शर्तें
इस सब्सिडी योजना का लाभ केवल उन्हीं मछुआरों को मिलेगा जो राज्य सरकार द्वारा तय की गई पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। योजना के नियमानुसार, आवेदक का नाम राज्य में रजिस्टर्ड किसी प्राथमिक मत्स्य सहकारी समिति का सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है। इसके अलावा, आवेदक के लिए यह भी जरूरी है कि उसने संबंधित वित्तीय वर्ष के दौरान कम से कम 50 दिनों तक मछली पकड़ने का काम किया हो। इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद मछुआरों तक ही पहुंचे।
