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Jio Financial और SBI में गिरावट से डरें या मौका समझें, ब्रोकरेज ने दिया ये जवाब

जियो फाइनेंशियल शेयर लिस्टिंग के बाद से निवेशकों को निराश कर रहा है। वहीं, SBI भी अपने हाई से 10% फिसल चुका है। ये गिरावट डारने वाली है या निवेशकों के लिए मौका जानें क्या है ब्रोकरेज की राय?

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जियो फाइनेंशियल और SBI के शेयरों का प्राइस टारगेट

Jio Financial के Q4FY26 नतीजों के बाद शेयर में गिरावट दिख रही है। लिस्टिंग के बाद से ही रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की इस कंपनी के शेयर ने निवेशकों को निराश किया है। हालांकि, ब्रोकरेज हाउस को अब भी ग्रोथ पर भरोसा है। यह बात अलग है कि देश के फाइनेंस और बैंकिंग सेक्टर से विदेशी निवेशक तेजी से बाहर निकल रहे हैं।

अप्रैल में ही अब तक FII वित्तीय क्षेत्र से 19150 करोड़ की बिकवाली की है। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में हल्की रिकवरी है, लेकिन क्रूड के दाम बढ़ने और महंगाई बढ़ने से ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के चलते बैंकिंग शेयर सेक्टर रोटेशन सायकल में फंसते दिख रहे हैं।

जियो फाइनेंशियल क्यों पिटा?

Jio Financial Services के शेयर में Q4 रिजल्ट के बाद करीब 2% की गिरावट आई। हालांकि, बुधवार 22 अप्रैल को यह शेयर

0.72% की तेजी के साथ 236 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने अब भी शेयर पर 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट ₹315 का दिया है। हालांकि, पहले यह टारगेट ₹320 रुपये था। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का NBFC बिजनेस तेजी से स्केल हो रहा है और AUM ₹25,000 करोड़ के पार पहुंच चुका है। हालांकि, नए बिजनेस में निवेश और ट्रेजरी पर दबाव के कारण मुनाफे पर असर दिखा है।

रेवेन्यू में जोरदार उछाल

Q4FY26 में Jio Financial का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 14% घटकर ₹272 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू 106% बढ़कर ₹1,019 करोड़ पहुंच गया। नेट इंटरेस्ट इनकम ₹202 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹81 करोड़ थी। कुल इनकम 78% बढ़कर ₹3,274 करोड़ हो गई। यह साफ संकेत है कि कंपनी ग्रोथ मोड में है, लेकिन अभी प्रॉफिटेबिलिटी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है।

बाजार से पिछड़ रहा स्टॉक

जियो फाइनेंशियल का प्रदर्शन मिलाजुला रहा है। 1 महीने में शेयर में 5 फीसदी का उछाल आया है। हालांकि, 6 महीने में शेयर में 22% की गिरावट देखने को मिली है।

SBI में 45%

State Bank of India फिलहाल स्थिर ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रहा है। ब्रोकरेज के मुताबिक बैंकिंग सेक्टर में आई हालिया गिरावट के बाद वैल्यूएशन आकर्षक हो गए हैं और आने वाले समय में रिकवरी की संभावना है। लोन ग्रोथ 11–15% की रेंज में बनी हुई है और एसेट क्वालिटी भी स्थिर है। ऐसे में जैसे ही सेक्टर में सेंटिमेंट सुधरेगा, SBI सबसे पहले रफ्तार पकड़ सकता है। State Bank of India (SBI) पर Antique ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग दी है और ₹1200 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा लेवल से 8% अपसाइड दिखाता है। SBI बेहतर ग्रोथ, मजबूत ROE और सस्ते वैल्यूएशन के चलते आगे दिखता है।

कहां है असली मौका?

जियो फाइनेंशियल की कहानी लंबी है, लेकिन फिलहाल मुनाफे पर दबाव शेयर को कमजोर कर रहा है। वहीं SBI में धीरे-धीरे रिकवरी की जमीन तैयार हो रही है। सरल शब्दों में, जियो फाइनेंशियल भविष्य की ग्रोथ का दांव है, जबकि SBI मौजूदा वैल्यू और स्थिर रिटर्न का संतुलित विकल्प बनकर उभर रहा है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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