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राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में BJP के लिए नया संकेत? UGC नियमों को लेकर नाराजगी की चर्चा

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 नतीजों के बाद UGC के प्रस्तावित जाति आधारित नियमों को लेकर BJP की चिंता बढ़ने की चर्चा है। राजपूत बहुल इलाकों में निर्दलीयों के प्रदर्शन को नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। करणी सेना ने इसे BJP के लिए चेतावनी बताया और आंदोलन तेज करने की बात कही।

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सांकेतिक फोटो

Photo : PTI

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सामने स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ UGC के प्रस्तावित जाति आधारित नियमों को लेकर नाराजगी की चर्चा भी तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि अगड़ी जातियों, खासतौर पर राजपूत समाज के एक हिस्से में इस मुद्दे को लेकर पनपी नाराजगी का असर कुछ चुनावी क्षेत्रों में देखने को मिला है।

चुनाव से पहले BJP के परंपरागत अगड़ी जाति के समर्थक माने जाने वाले वर्गों के बीच UGC के प्रस्तावित नियमों को लेकर तीखे विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। चुनाव परिणामों में कई राजपूत बहुल इलाकों और BJP के मजबूत गढ़ क्षेत्रों में निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रदर्शन को इसी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, BJP के लिए राहत की बात यह रही कि नाराज चल रहे मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा सीधे कांग्रेस के पक्ष में जाता नजर नहीं आया। इन वोटरों ने कांग्रेस पर भरोसा जताने के बजाय कई जगह निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन किया, जबकि कुछ स्थानों पर NOTA का विकल्प भी मतदाताओं ने चुना। ऐसे में BJP को संभावित नुकसान तो उठाना पड़ा, लेकिन कांग्रेस इस स्थिति का पूरा राजनीतिक लाभ नहीं उठा सकी।

करणी सेना ने बताया BJP के लिए चेतावनी

UGC के इन प्रस्तावित नियमों के विरोध में आंदोलन कर रही श्री राजपूत करणी सेना ने निकाय चुनाव के नतीजों को बीजेपी के लिए चेतावनी करार दिया है। करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने दावा किया कि अगर प्रस्तावित नियम वापस नहीं लिए गए, तो बीजेपी को आने वाले पंचायत चुनावों और अन्य राजनीतिक मंचों पर और भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। मकराना के अनुसार, केवल जयपुर में ही संगठन ने 21 ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन किया, जिन्होंने UGC से जुड़े प्रस्ताव का विरोध करने की बात लिखित रूप से दी थी। उनका दावा है कि राजस्थान के अन्य क्षेत्रों में भी संगठन ने कई निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन दिया।

मोहन भागवत के बयान पर भी विवाद

इस बीच, भीलवाड़ा में जैनमुनि पुलक सागर जी ने दावा किया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत उनसे मिलने आए थे। इस दौरान उन्होंने इस मामले पर अपना कड़ा विरोध व्यक्त किया था। इस पर मोहन भागवत की ओर से यह आश्वासन दिए जाने का दावा किया गया कि ऐसे किसी भी नियम को लागू नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, मोहन भागवत के कथित बयान पर महिपाल सिंह मकराना ने सवाल उठाते हुए कहा, “यह भ्रमित करने की हद हो गई है।” अब करणी सेना ने पंचायत चुनाव से पहले अपने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। ऐसे में UGC के प्रस्तावित जाति आधारित नियमों को लेकर बीजेपी पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अपना रुख स्पष्ट करने का दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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