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Credit Card EMI या Personal Loan कौन सा पड़ेगा सस्ता?

जरूरत के समय पैसों का इंतजाम करने के लिए लोग अक्सर क्रेडिट कार्ड ईएमआई या पर्सनल लोन का विकल्प चुनते हैं। लेकिन इनमें से कौन सा विकल्प आपकी जेब पर भारी पड़ेगा और किसे चुनना सस्ता होगा, आइए आसान हिंदी में विस्तार से समझते हैं।

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Credit Card EMI या Personal Loan कौन सा पड़ेगा सस्ता?

आज के समय में वित्तीय आपातकाल या किसी बड़े गैजेट, यात्रा या मेडिकल इमरजेंसी के दौरान पैसों की जरूरत पड़ना आम बात है। ऐसे में कई लोग बैंक जाकर लंबी कागजी कार्रवाई करने के बजाय तुरंत मिलने वाले विकल्पों की तलाश करते हैं। क्रेडिट कार्ड ईएमआई और पर्सनल लोन दोनों ही ऐसे लोकप्रिय वित्तीय साधन हैं जिनकी मदद से आप बड़ी रकम को छोटी-छोटी किस्तों में चुका सकते हैं। लेकिन इन दोनों में ब्याज दरें, प्रोसेसिंग फीस और छिपे हुए शुल्क अलग-अलग होते हैं, जो सीधे तौर पर आपके कुल खर्च को प्रभावित करते हैं। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि दोनों में से कौन सा विकल्प आपके लिए आर्थिक रूप से ज्यादा किफायती साबित हो सकता है ताकि जरूरत के समय आप सही निर्णय ले सकें।

क्रेडिट कार्ड EMI क्या है?

सबसे पहले बात करते हैं क्रेडिट कार्ड ईएमआई (Credit Card EMI) की, जो अपनी झटपट उपलब्धता के लिए जानी जाती है। यदि आपके पास क्रेडिट कार्ड है, तो आप किसी भी बड़े खर्च को सीधे मर्चेंट या बैंक के पोर्टल पर जाकर ईएमआई में बदल सकते हैं। इसमें किसी तरह के दस्तावेजों या लंबे अप्रूवल प्रोसेस की जरूरत नहीं होती है। हालांकि, सुविधा जितनी आसान लगती है, उतनी ही यह महंगी भी साबित हो सकती है। क्रेडिट कार्ड ईएमआई पर बैंक आमतौर पर 12% से लेकर 24% या उससे भी अधिक सालाना ब्याज वसूल सकते हैं। इसके अलावा, कई बैंक ईएमआई कन्वर्जन पर प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी भी अलग से लगाते हैं, जिससे आपके द्वारा चुकाई जाने वाली कुल राशि काफी बढ़ जाती है।

पर्सनल लोन के फायदे

दूसरी तरफ, पर्सनल लोन (Personal Loan) एक अनसिक्योर्ड लोन होता है जिसके लिए आपको बैंक या वित्तीय संस्थान में आवेदन करना पड़ता है। इसके लिए आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) अच्छा होना चाहिए और बैंक आपकी आय व दस्तावेजों की पूरी जांच करता है। पर्सनल लोन की ब्याज दरें अमूमन 10.5% से 22% तक होती हैं, जो कि आपके सिबिल स्कोर और बैंक के साथ आपके पुराने संबंधों पर निर्भर करती हैं। यदि आपका सिबिल स्कोर बेहतरीन है, तो आपको क्रेडिट कार्ड ईएमआई की तुलना में काफी कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन मिल सकता है। हालांकि, इसमें आपको लोन लेते वक्त प्रोसेसिंग फीस चुकानी पड़ती है और पैसे खाते में आने में कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों का समय लग सकता है।

दोनों में से क्या है बेहतर?

अब मुख्य सवाल यह उठता है कि दोनों में से आपके लिए कौन सा विकल्प बेहतर और सस्ता रहेगा? यदि आपको बहुत छोटी अवधि (जैसे 3 से 6 महीने) के लिए कम पैसों की जरूरत है और आप तुरंत भुगतान करना चाहते हैं, तो कुछ चुनिंदा नो-कॉस्ट ईएमआई ऑफर्स को छोड़कर क्रेडिट कार्ड ईएमआई का उपयोग सावधानी से किया जा सकता है। लेकिन यदि आपको एक बड़ी रकम की आवश्यकता है और आप उसे 1 से 5 साल की लंबी अवधि में चुकाना चाहते हैं, तो कम ब्याज दर और बेहतर शर्तों के कारण पर्सनल लोन आमतौर पर अधिक किफायती और जेब पर हल्का साबित होता है। इसलिए हमेशा अपनी जरूरत की अवधि, राशि और दोनों विकल्पों के कुल खर्च की तुलना करने के बाद ही कोई अंतिम वित्तीय फैसला लें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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