Mehul Choksi : भगोड़े भारतीय बिजनेसमैन मेहुल चोकसी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के कहने पर शनिवार को बेल्जियम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसने अपने भांजे नीरव मोदी के साथ मिलकर पीएनबी से 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है, जो भारतीय बैंकिंग के इतिहास में सबसे बड़ा घोटाला है। आइए जानते हैं वह भारत में कौन सा कारोबार करता था।
Mehul Choksi: हीरा व्यापारी था मेहुल चौकसी
मेहुल चौकसी भारतीय बिजनेसमैन है जो लंबे समय तक हीरों के व्यापार से जुड़ा रहा। मेहुल चौकसी हीरा व्यापार करता था, जो गीतांजलि जेम्स लिमिटेड नामक कंपनी का मालिक था। यह कंपनी हीरे और आभूषणों के व्यापार में अग्रणी मानी जाती थी और इसके भारत सहित दुनिया के कई देशों में शोरूम्स थे। चौकसी का कारोबार गहनों के डिजाइन, निर्माण और बिक्री से जुड़ा हुआ था। एक समय में वह भारत के प्रमुख ज्वेलर्स में गिने जाते थे।
Mehul Choksi: कारोबार की शुरुआत और विस्तार
मेहुल चौकसी ने अपने करियर की शुरुआत अपने पिता की छोटी सी ज्वेलरी दुकान से की थी, लेकिन समय के साथ उसने इसे एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में बदल दिया। उसकी कंपनी गीतांजलि ग्रुप के अंतर्गत कई लोकप्रिय ब्रांड्स जैसे:-
- नक्षत्र
- अस्मी
- गिली
- माया
- डिआना
इन ब्रांड्स के विज्ञापनों में कई बड़े बॉलीवुड सितारे नजर आते थे। भारत के अलावा, उसका कारोबार अमेरिका, मिडिल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया तक फैला हुआ था।
Mehul Choksi: कैसे आया विवादों में नाम?
मेहुल चौकसी का नाम 2018 में उस समय चर्चा में आया जब पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में हुए 14,000 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ। इस घोटाले में चौकसी के भांजे नीरव मोदी का भी नाम सामने आया। जांच एजेंसियों ने बताया कि दोनों ने मिलकर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) के जरिए विदेशी बैंकों से लोन लिए थे और उन्हें चुकाया नहीं। जब घोटाले का पर्दाफाश हुआ तो उससे पहले ही मेहुल चौकसी भारत छोड़कर भाग चुका था। बाद में पता चला कि उसने एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले ली है और वहीं छिपा हुआ है। भारत सरकार ने उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया और उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और CBI ने कई केस दर्ज किए।
2021 में मेहुल चौकसी की गिरफ्तारी डोमिनिका में हुई, जब वह रहस्यमय परिस्थितियों में एंटीगुआ से गायब हो गया और कथित रूप से डोमिनिका में पकड़ा गया। माना जाता है कि वह देश छोड़कर क्यूबा भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन रास्ते में पकड़ लिया गया। भारत सरकार ने तुरंत डोमिनिका सरकार से संपर्क कर चौकसी को भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन कानूनी पेचीदगियों के कारण यह संभव नहीं हो सका। चौकसी ने अपनी गिरफ्तारी को अपहरण करार दिया और दावा किया कि उसे जबरन डोमिनिका लाया गया था। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी चर्चा बटोरी।
Mehul Choksi: अब आगे क्या?
भारत सरकार आज भी मेहुल चौकसी के प्रत्यर्पण की कोशिशों में लगी हुई है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2 अरब डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में मुख्य आरोपी 65 वर्षीय व्यवसायी को भारत प्रत्यर्पित किए जाने की संभावना है। भारत की बेल्जियम के साथ प्रत्यर्पण संधि है और वहां के अधिकारियों ने भारतीय अधिकारियों से औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध मांगा है। मेहुल चौकसी की कहानी इस बात का प्रतीक है कि कैसे एक प्रभावशाली व्यापारी भ्रष्टाचार के चलते देश के कानून से भागने को मजबूर हो गया, लेकिन अब उसके दिन गिने जा रहे हैं।
