Mehul Choksi Arrested: पंजाब नेशनल बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में वांछित भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, 65 वर्षीय चोकसी को शनिवार 12 अप्रैल को केंद्रीय जांच ब्यूरो के अनुरोध पर गिरफ्तार किया गया है और वह अभी भी जेल में है। भारत अब बेल्जियम के अधिकारियों से उसके प्रत्यर्पण के लिए कह रहा है, हालांकि चोकसी के खिलाफ कोई रेड नोटिस नहीं है।
बेल्जियम में रह रहा था चोकसी
मेहुल चोकसी और उसका भतीजे नीरव मोदी भारतीय अधिकारियों द्वारा 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले (PNB Scam) में शामिल होने के लिए वांछित हैं। इससे पहले मार्च 2025 में बेल्जियम सरकार ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी की अपनी धरती पर मौजूदगी की पुष्टि की थी और कहा थी कि वह इस मामले को बहुत महत्व और ध्यान दे रही है।
मेहुल-प्रीति ने हासिल किया एफ रेजीडेंसी कार्ड
एक पखवाड़े पहले भगोड़े व्यवसायी मेहुल चोकसी और प्रीति चोकसी ने बेल्जियम का एफ रेजीडेंसी कार्ड (F Residency Card) हासिल किया है। प्रीति चोकसी बेल्जियम की निवासी हैं। चोकसी का पूरा परिवार बेल्जियम का है। 2024 में यह जोड़ा एंटीगुआ से बेल्जियम चला गया था। मेहुल के भतीजे नीरव मोदी को मई 2019 में लंदन में मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने गिरफ्तार किया था। नीरव के पास प्रत्यर्पण के लिए कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं, लेकिन वह मानवीय आधार पर ब्रिटेन में रहने में कामयाब रहा है।
जिनेवा में बसना चाहते हैं दोनों
एंटीगुआन मीडिया ने कहा है कि मेहुल चोकसी और प्रीति जिनेवा में बसना चाहते हैं। इस साल की शुरुआत में मेहुल के वकील ने मुंबई की एक विशेष अदालत को बताया था कि मेहुल चोकसी एंटवर्प का रहने वाला है और उसका ब्लड कैंसर का इलाज चल रहा है। मार्च 2023 में इंटरपोल ने मेहुल चोकसी का रेड नोटिस हटा दिया था। मेहुल चोकसी 2018 में भारत से भाग गया था। वह पहले अमेरिका गया और फिर एंटीगुआ चला गया। 2017 में उसने एंटीगुआ की नागरिकता हासिल कर ली।
14 हजार करोड़ के घोटाले का आरोपी
बता दें कि हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 13,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी है। सीबीआई ने मेहुल चोकसी और अन्य के खिलाफ 15 फरवरी, 2018 को पंजाब नेशनल बैंक से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद 2022 में सीबीआई ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को धोखा देने के लिए मेहुल चोकसी और अन्य के खिलाफ पांच और आपराधिक मामले दर्ज किए थे। भारत में गिरफ्तारी से पहले ही चोकसी फरार हो गया था और भारत सरकार उसे वापस लाने की कोशिशों में लगी हुई थी।
